High Court strict on CIMS disorder, Health Secretary submits affidavit
बिलासपुर. बिलासपुर के सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) की खराब व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चल रही जनहित याचिका पर स्वास्थ्य-परिवार कल्याण विभाग के सचिव ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश कर दिया है. इसके साथ ही उपकरण खरीदी पर सीजीएमएससी ने नया शपथ पत्र देने के लिए 10 दिन का समय मांगा है. कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है.
कोर्ट कमिश्नरों की जांच में कई खामियां मिली
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मार्च और अप्रैल में किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट का भी जिक्र किया गया. कोर्ट कमिश्नरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सिम्स में पानी के रिसाव की गंभीर समस्या है. अस्पताल के कई हिस्सों में पानी भर गया था. इसके अलावा फायर फाइटिंग सिस्टम भी लंबे समय से बंद पड़ा था. इस पर शासन ने बताया कि फायर फाइटिंग सिस्टम की मरम्मत करा दी गई है.
इससे पहले सीजीएमएससी ने भी मामले में हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश किया. इसमें चार्ट के जरिए सिम्स के लिए खरीदी जा रही जरूरी मशीनों और उपकरणों की स्टेटस रिपोर्ट दी गई. शपथ पत्र के अनुसार सिम्स के लिए कुल 31 एडवांस्ड मशीनों की खरीदी की प्रक्रिया चल रही है. इनमें से 13 मशीनें अस्पताल पहुंच चुकी हैं. दो मशीनों के लिए जून में ही परचेज ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं. वहीं, दो मशीनों की कीमत अधिक होने के कारण सिम्स से मंजूरी ली गई है. मंजूरी मिलने के बाद इनके लिए भी ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा. इसके अलावा दो मशीनें अभी तकनीकी परीक्षण (टेक्निकल डेमो) के दौर में है.

