TEEJAN BAI: भिलाई। छत्तीसगढ़ की माटी की गौरव और पंडवानी लोकगायन शैली की पर्याय, पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई ने रविवार तड़के लगभग 3:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने पूरे देश के कला और संस्कृति जगत को गहरे शोक में डुबो दिया। उनकी अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव गनियारी में निकाली गई, जहाँ भारी संख्या में उनके प्रशंसक, लोक कलाकार, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित हुए।
जिला प्रशासन द्वारा डॉ. तीजन बाई के अंतिम संस्कार के लिए व्यापक व्यवस्था की गई थी। गनियारी में जब उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई, तो हर आंख नम थी। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
माटी की बेटी को खोने का दुख झलका
इस दौरान प्रदेश के मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। स्थानीय लोगों के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक था, क्योंकि उन्होंने अपनी माटी की उस बेटी को खो दिया था, जिसने छत्तीसगढ़ का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया।

