रायपुर, 21 जून 2026/ देश के सहकारी शक्कर उद्योग में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने गन्ना किसानों के भरोसे को मजबूत करने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। लगातार दूसरे वर्ष कारखाना देश का पहला ऐसा शक्कर कारखाना बना है जिसने किसानों को समर्थन मूल्य (एफआरपी) और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान जून माह में ही पूरा कर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में आज किसानों के खातों में 29.83 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।
*भोरमदेव शक्कर कारखाना किसानों के विश्वास और ग्रामीण समृद्धि का बना मजबूत प्रतीक*
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने किसानों को चेक का वितरण किया। भोरमदेव शक्कर कारखाना पूरे देश में सर्वाधिक रिकवरी देने वाला कारखाना है। समयबद्ध भुगतान, पारदर्शी व्यवस्था और किसान केंद्रित पहल ने भोरमदेव शक्कर कारखाना को आज किसानों के विश्वास और ग्रामीण समृद्धि का मजबूत प्रतीक बना दिया है।
*सत्र 2025–26 में कुल 107.10 करोड़ रुपए का हुआ भुगतान*
गन्ना किसानों के खातों में आज 6.91 करोड़ रुपए की शेष (एफआरपी) राशि तथा 22.92 करोड़ रुपए की अतिरिक्त रिकवरी राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया। इस प्रकार कुल 29.83 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में अंतरित किए गए। इसके साथ ही कारखाना द्वारा सत्र 2025–26 में अब तक किसानों को 84.18 करोड़ रुपए की (एफआरपी) राशि तथा 22.92 करोड़ रुपए की अतिरिक्त रिकवरी राशि सहित कुल 107.10 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के चेयरमैन एवं कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में कारखाना द्वारा किसानों को समय पर भुगतान, उत्पादन वृद्धि और किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया।
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के भुगतान कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष किसानों ने कारखाने को लगातार गन्ना उपलब्ध कराया। किसानों के इसी सहयोग का परिणाम है कि आज उनके खातों में समर्थन मूल्य (एफआरपी) एवं अतिरिक्त रिकवरी राशि का पूरा भुगतान अंतरित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल भुगतान नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास और सहकारिता मॉडल की सफलता है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि किसानों का अपना कारखाना है। निजी व्यवस्था में लाभ सीमित लोगों तक पहुंचता है, जबकि सहकारिता में लाभांश सभी हितधारकों तक वितरित होता है। सहकारी मॉडल किसानों की आर्थिक मजबूती और सामूहिक विकास का प्रभावी माध्यम है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि गुजरात प्रवास के दौरान उन्होंने बनासकांठा सहकारी मॉडल का अध्ययन किया, जहां सहकारिता के माध्यम से हजारों करोड़ रुपए का कारोबार संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि वहां की सफलता का आधार किसानों की भागीदारी और लाभ का समान वितरण है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना कारखाना तक लाने की अपील करते हुए कहा कि पिछले वर्ष 6 हजार से अधिक किसानों ने कारखाना से अनुबंध किया था, लेकिन इस वर्ष लक्ष्य बढ़ाकर 10 हजार से अधिक किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि कारखाना में 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना क्रशिंग का लक्ष्य प्राप्त किया जाए ताकि उत्पादन, आय और किसानों का लाभ और बढ़ सके। श्री शर्मा ने कहा कि सहकारिता का मॉडल किसानों और समाज के लिए सबसे उपयोगी है।
किसानों की मांग पर बोनस राशि बढ़ाने के संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के समक्ष विषय रखा गया है और इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने किसानों से नई तकनीक अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जब किसान संकल्प ले लेता है तो वह असंभव को भी संभव बना देता है। आधुनिक कृषि पद्धतियों और तकनीक के उपयोग से उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।
कार्यक्रम में कृषक कल्याण परिषद अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री राम किंकर वर्मा, बोड़ला नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विजय पटेल, श्री गणपत बघेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनपद सदस्य श्री भागवत बंजारे, श्री लोकचंद साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री उमंग पांडेय, श्री भुवनेश्वर चंद्राकर, श्री डोमन चंद्रवंशी, श्री गोकुल चंद्रवंशी, श्री शत्रुहन वर्मा, श्री डोमन चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित थे।
*दो वर्षों में दर्ज हुई अनेक उपलब्धियां*
पिछले दो वर्षों के दौरान कारखाने ने उत्पादन और किसान हितैषी योजनाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी, किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण, “बलराम सदन” कृषक प्रतीक्षालय का निर्माण, मिट्टी परीक्षण सुविधा, प्रेसमड वितरण, दो हजार एकड़ क्षेत्र में उन्नत गन्ना बीज एवं सीडलिंग उपलब्धता तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा कारखाना परिसर में संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना कैंटीन के माध्यम से श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है
*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती*
समय पर भुगतान, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और किसान हितैषी सुविधाओं के कारण भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना क्षेत्रीय विकास का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। कारखाने की पहल से किसानों की आय, उत्पादन क्षमता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा और मजबूती मिली है।
*भोरमदेव शक्कर कारखाना की प्रमुख उपलब्धियां*
▪ एफआरपी भुगतान – 84.18 करोड़
▪ अतिरिक्त रिकवरी राशि – 22.92 करोड़
▪ कुल भुगतान – 107.10 करोड़
▪ जून में अंतिम भुगतान – 29.83 करोड़
▪ शुगर रिकवरी – 12.09 प्रतिशत
▪ उन्नत गन्ना क्षेत्र – लगभग 2000 एकड़
▪ श्रमिक भोजन योजना – 5 में भोजन
▪ कृषक प्रतीक्षालय – बलराम सदन

