रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार किया है। वर्मा पर निविदा (टेंडर) आवंटन के बदले रिश्वत मांगने और आय से अधिक अकूत संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं।
EOW-ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए रायपुर, बिलासपुर और मध्यप्रदेश के उज्जैन कुल 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े अहम सुराग सामने आए हैं। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी भागीरथ वर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है। इस दौरान EOW-ACB उनसे विस्तृत पूछताछ करेगी।
अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में टेंडर प्रक्रिया, कथित रिश्वतखोरी और अन्य संभावित आरोपियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। EOW-ACB का कहना है कि जांच अभी जारी है। बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

