CG POLITICAL: Political turmoil in Chhattisgarh due to Supreme Court’s decision on conversion-reservation!
CG POLITICAL: रायपुर। धर्मांतरण के बाद आरक्षण के लाभ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका खारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाने वाले लोगों को केवल इसी आधार पर ‘पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम)’ श्रेणी में आरक्षण देने की व्यवस्था रद्द कर दी गई थी।
मुख्यमंत्री के अलावा, इस फैसले पर पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने अदालत के निर्णय को सही ठहराया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।
भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने दिया समर्थन
भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने यह निर्णय लिया है।
पांडेय ने इस फैसले को धर्मांतरण और आरक्षण से जुड़े विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर उन्होंने जिन परिस्थितियों का जिक्र किया, उनके समर्थन में उपलब्ध जानकारी में अलग से कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।
भूपेश बघेल ने कही ये बात
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर संविधान में किए गए प्रावधानों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के मामले में नियम अलग-अलग हैं। उनके मुताबिक, अनुसूचित जाति के मामले में धर्म परिवर्तन का आरक्षण पर असर पड़ता है, जबकि आदिवासियों के मामले में केवल धर्म अपनाने से आरक्षण का अधिकार खत्म नहीं होता।
बघेल ने यह भी कहा कि उनकी जानकारी में सुप्रीम कोर्ट का ऐसा कोई आदेश नहीं है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब धर्मांतरण और आरक्षण को लेकर अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दीपक बैज ने दिया बड़ा बयान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने फैसले पर तत्काल कोई विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि पहले निर्णय का अध्ययन करेंगे और उसके बाद ही इस पर कुछ कहना उचित होगा।
बैज के इस रुख के बाद अब इस मामले में कांग्रेस की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल, भाजपा नेताओं ने जहां फैसले का समर्थन किया है, वहीं कांग्रेस की ओर से इस पर अंतिम राजनीतिक रुख स्पष्ट नहीं किया गया है।

