Ash game in Barbaspur dumping yard! Notice to CSEB as well as preparation for action on negligence
बरबसपुर कचरा डंपिंग यार्ड में राख फिलिंग पर विवाद गहराया! आयुक्त आशुतोष पांडे ने CSEB और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की बात कही। 1.65 लाख टन राख की अनुमति के बाद 2.30 लाख टन अतिरिक्त राख फिलिंग पर उठे सवाल, अब सामने आएगी अनुमति की पूरी कहानी।बरबसपुर के कचरा डंपिंग यार्ड में राख फिलिंग को लेकर अब नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बायोगैस प्लांट के लिए गेल इंडिया के साथ अनुबंधित जमीन पर कितनी राख डालने की सहमति दी गई और किसकी अनुमति से अतिरिक्त राख की फिलिंग शुरू हुई? इन सवालों ने पूरे मामले को गरमा दिया है। नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे ने मामले को संज्ञान में लेते हुए CSEB और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की बात कही है।
मामला इसलिए गंभीर है, क्योंकि निगम के मुताबिक पहले 1 लाख 65 हजार टन राख फिलिंग की अनुमति के लिए पत्राचार हुआ था। इसके बाद कथित तौर पर निगम की नई सहमति के बिना दूसरे चरण में 2 लाख 30 हजार टन अतिरिक्त राख डालने की अनुमति दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। अब आयुक्त के संभावित एक्शन से राख फिलिंग की अनुमति, निगम की सहमति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है।
आयुक्त के एक्शन से अधिकारियों को देना होगा जवाब
शिकायत सामने आने के बाद आयुक्त आशुतोष पांडे ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने CSEB और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की बात कही है। नोटिस जारी होने और जवाब मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि राख फिलिंग की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत दी गई और इसमें नियमों का पालन हुआ या नहीं।
फिलहाल यह मामला केवल राख डालने तक सीमित नहीं है। इसमें नगर निगम की जमीन, गेल इंडिया के साथ हुए अनुबंध, पर्यावरणीय अनुमति और राख निपटान की प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

