The game of intoxication was hidden in the trunk of the scooty! 737 drug capsules recovered in Balod, 3 accused arrested
बालोद ( फिलिप चाको जिला ब्यूरो) नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कथित तौर पर नशीली कैप्सूल बेचने और रखने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ट्रामाडोल की कुल 737 कैप्सूल बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान तीन मोबाइल फोन और एक होंडा डियो स्कूटी भी जब्त की गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
स्कूटी की डिक्की बनी नशीली कैप्सूल का ठिकाना!
पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि टिकरापारा, बालोद निवासी सुशील कुमार आर्य उर्फ साईं अपनी काले रंग की होंडा डियो स्कूटी क्रमांक CG 24 V 7412 की डिक्की में नशीली दवाइयां रखकर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है।
सूचना मिलते ही थाना बालोद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार तलाशी ली। इस दौरान स्कूटी की डिक्की में लाल पॉलीथीन के अंदर रखी TraiSPAS (Tramadol) की 449 कैप्सूल बरामद हुईं। इनकी कीमत करीब ₹2,918.50 बताई गई है। पुलिस ने आरोपी का वीवो एंड्रॉयड मोबाइल और करीब ₹60 हजार कीमत की स्कूटी भी जब्त की।
पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और मेमोरेंडम कथन के आधार पर मामले में दो अन्य आरोपियों के कब्जे से भी नशीली कैप्सूल बरामद की गईं।
– शंकर नायडू, निवासी वार्ड क्रमांक 25, दल्ली राजहरा — SPAS-TRASCEN-PLUS की 144 कैप्सूल और एक मोबाइल जब्त।
– भूपेश्वर साहू उर्फ मंडल, निवासी नया पारा, बालोद — SPAS-TRASCEN-PLUS की 144 कैप्सूल और एक मोबाइल जब्त।
दोनों आरोपियों से बरामद कैप्सूल की कीमत करीब ₹936-₹936 बताई गई है।
इस तरह तीनों आरोपियों से कुल 737 कैप्सूल बरामद हुईं, जिनकी बताई गई कीमत ₹4,790.50 है। इनके अलावा तीन मोबाइल फोन और एक स्कूटी भी पुलिस के कब्जे में ली गई है।
NDPS एक्ट की धारा 22(ग) के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 537/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(ग) में कार्रवाई की है। सुशील कुमार आर्य उर्फ साईं को 10 अक्टूबर तथा शंकर नायडू और भूपेश्वर साहू उर्फ मंडल को 11 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
हालांकि, पुलिस के अनुसार नशीली दवाइयों की परीक्षण रिपोर्ट सहित मामले की अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई अभी शेष है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन और एसडीओपी बालोद विनय कुमार साहू के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस की दो टूक—नशे के अवैध कारोबार की दें सूचना
बालोद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार, बिक्री और परिवहन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील भी की गई है।
अब सवाल सिर्फ 737 कैप्सूल की बरामदगी का नहीं, बल्कि यह भी है कि इन दवाइयों की आपूर्ति कहां से हुई और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। पुलिस की आगे की जांच से ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे।
नशामुक्त बालोद • सुरक्षित समाज

