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राजपत्र में दर्ज हुआ डोंगरगांव का नया इतिहास, अंजू त्रिपाठी के प्रयासों से मिला नगर पालिका परिषद का दर्जा

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डोंगरगांव: आखिरकार वह दिन आ ही गया जिसका डोंगरगांव वर्षों से इंतजार कर रहा था। नगर पंचायत से नगर पालिका परिषद बनने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर मुहर लगाते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने डोंगरगांव को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्रदान कर दिया है। राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के साथ ही डोंगरगांव ने विकास के एक नए युग में प्रवेश कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर नगरवासियों में उत्साह और खुशी का माहौल है।

डोंगरगांव को नगर पालिका परिषद बनाने की दिशा में नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी लगातार प्रयासरत थीं। शासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उन्होंने बार-बार इस मांग को मजबूती से उठाया। अब शासन की अधिसूचना जारी होने के बाद उनका यह संकल्प साकार हो गया है। क्षेत्र में इस फैसले को अंजू त्रिपाठी के सतत प्रयासों की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 के तहत डोंगरगांव नगर पंचायत का उन्नयन कर उसे नगर पालिका परिषद घोषित किया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 14 हजार 693 आबादी वाले इस नगर को अब शहरी विकास योजनाओं में अधिक महत्व और संसाधन प्राप्त होंगे। नगर की वर्तमान सीमाएं यथावत रहेंगी।

नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने के बाद डोंगरगांव में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, उद्यान, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक बजट उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ भी नगर को पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा।

अधिसूचना जारी होने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, सांसद संतोष पांडे तथा सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे डोंगरगांव की जनता के विश्वास, सहयोग और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब उनकी प्राथमिकता नगर पालिका परिषद के माध्यम से डोंगरगांव को एक आधुनिक, व्यवस्थित और सुविधायुक्त नगर के रूप में विकसित करना है।

नगर पालिका परिषद बनने की खबर सामने आते ही नगर में बधाइयों का दौर शुरू हो गया। व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे डोंगरगांव के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया है। लोगों का मानना है कि यह केवल प्रशासनिक उन्नयन नहीं, बल्कि डोंगरगांव की पहचान, प्रतिष्ठा और विकास की संभावनाओं को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक फैसला है।

अब नगर पंचायत नहीं, नगर पालिका परिषद के रूप में डोंगरगांव की नई पहचान होगी और इसी के साथ विकास की नई कहानी भी लिखी जाएगी।

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