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राष्ट्रीय कॉलरी वर्कर्स फेडरेशन ने राजस्थान ट्रांसपोर्ट के विरुद्ध धरना और कोयला परिचालन अवरुद्ध करने का दिया नोटिस

चिरमिरी/एमसीबी(भरत मिश्रा) । छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने कोयला आधारित श्रम संगठन राष्ट्रीय कॉलरी वर्कर्स फेडरेशन(आरसीडब्लूएफ) द्वारा कोयला ट्रांसपोर्टेशन के कार्यों में लगे हुए संविदा कर्मकारों के हितों के रक्षार्थ प्रमुख नियोजक एसईसीएल एवम संबंधित राजस्थान ट्रांसपोर्ट के विरुद्ध धरना और कोयला परिचालनअवरुद्ध करने का नोटिस दिया गया है।आरसीडब्लूएफ यूनियन द्वारा एक सूत्रीय मांग :—भारत सरकार द्धारा श्रम और रोजगार मंत्रालय हेतु जारी राजपत्र क्रमांक 771 दिनांक 18 फरवरी 2022 में प्रकाशित अधिसूचना में केंद्रीय सरकार ठेका श्रम (विनिमय और उत्पादन)अधिनियम,1970 के अंतर्गत ठेका श्रमिको के नियोजन के संबंध में वर्णित प्रावधानों को लागू करने की गई है !उक्त राजपत्र में ठेका श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा हेतु केंद्र सरकार द्वारा कई प्रावधान रखे गए है जिसमे सबसे प्रमुख ठेका परिवर्तन  होने की दशा में ,पूर्व में उस वक्त कार्यरत ठेका कर्मकारों को नए ठेकेदार द्वारा रोजगार में अधिमान देना आवश्यक माना गया है परंतु एसईसीएल जो की प्रमुख नियोजक है के द्वारा भारत सरकार द्वारा घोषित राजपत्र के इन प्रावधानों को लागू नहीं किया जा रहा है गौरतलब है कि, एसईसीएल के द्वारा संचालित विजय वेस्ट खदान से कोयला प्राइवेट कंपनी राजस्थान ट्रांसपोर्ट द्वारा डोमनहिल सीएसपी में परिवहन कर डंप किया जाता हैं उक्त कंपनी द्वारा चिरिमिरी के स्थानीय कर्मकारो को जो पूर्व में उसी कार्य एवम कार्यस्थल पर कार्यरत रहे है ठेका परिवर्तित होने के पश्चात आए नवीन कंपनी राजस्थान ट्रांसपोर्ट द्वारा भारत सरकार के राजपत्र के प्रावधानों की परवाह न करते हुए उन्हें काम से बाहर निकाल दिया गया। ठेका श्रमिको के हितों की रक्षा करने की पहली दायित्व प्रथम नियोजक एस ई सी एल की रही है जो भारतसरकार की ही एक अनुषांगिक कोल कंपनी है  जिसने प्राइवेट ठेकेदार के पक्ष में मौन साध लिया है । उक्त गैरकानूनी कृत्य से चिरमिरी के स्थानीय कर्मकार बेरोजगार हो गए हैं और उनके परिवार सहित भूखे मरने की नौबत आ गई है ,जबकि प्राइवेट कंपनीयो द्वारा ठेका कर्मकारों से काम के घंटों से ज्यादा सेवा लिए जाने और उसके पश्चात भी उन्हें प्राप्त होने वाली सुविधाएं प्रदान नहीं करने के बावजूद भी ठेका श्रमिक अपनी नौकरी बचाने हेतु चुपचाप कार्य करने को  मजबूर होकर घंटों सेवा देता रहता है। आर सी डब्ल्यू एफ द्वारा भारत सरकार के राजपत्र के प्रावधानों को लागू कराने हेतु एसईसीएल एवं राजस्थान ट्रांसपोर्ट के विरुद्ध डोमनहिल सीएचपी में 16 तारीख को उक्त कंपनी के वाहनों के सामने बैठकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा क्योंकि केंद्र सरकार के निर्मित कानूनों का पालन करने की महती जिम्मेदारी एसईसीएल की है उक्त जानकारी आरसीडब्ल्यूएफ द्वारा फेडरेशन कार्यालय मेंआयोजित पत्रकार वार्ता में यूनियन के केंद्रीय महामंत्री प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे द्वारा दी गई।

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