- रेंजर की मेहरबानी से सरकारी खजाने को चूना महाघोटाले की बड़ी खबर
कमलेश रजक/ मुंडा : बलौदाबाजार जिले के वनमंडल अंतर्गत लवन वन परिक्षेत्र के नरवा गरूवा घुरवा बाड़ी योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर गोलमाल और घपले बाजी की गई है। यह मामला पूर्व में भी अखबारों में प्रकाशित हुआ था। जिस पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए थे। कलेक्टर द्वारा डीफ़ओ को जांच के निर्देश देने के बाद डीएफओ ने उपवनमंडलाधिकारी कसडोल को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी थी। जांच में रेंजर को क्लीन चिट देते हुए नर्सरी में हुए कार्य के मद से भुगतान नहीं करना बताया गया है। बड़ा सवाल यह है कि यदि नर्सरी में हुए कार्यों के मध्य से इनके खाते में पैसे नहीं भेजे गए तो किन कार्यों के लिए इनके खाते में रेंजर द्वारा आरटीजीएस कर सरकारी विकास कार्यों का पैसा बेटी रिश्तेदार और दूसरे जिले में पदस्थ बीट गार्ड ममता बंजारा एवं उसके रिश्तेदारों के खाते में पैसा भेजा गया है जांच का विषय है। धमतरी कटघोरा बिलासपुर के बैंक खातों में लवन वन परिक्षेत्र के रेंजर द्वारा आरटीजीएस से किस कार्य के लिए भुगतान किया गया है?
सूत्रों की माने तो नीता सिन्हा एवं खिलावन सिन्हा रेंजर के करीबी रिश्तेदार हैं। जिनके खातों में डेढ़ लाख से ऊपर की राशि डाली गई है। जबकि कुनिका सिन्हा के खाते में भी लाखों रुपए की राशि ट्रांसफर की गई है। कुनिका सिन्हा स्वयं रेंजर की पुत्री हैं। रेंजर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इनके खाते में पैसा डाल कर परिवार को लाभ पहुंचाया गया है। इसी तरह ममता बंजारा जोकि बिलासपुर वन परिक्षेत्र के नूर ता बीट में पदस्थ हैं उनके एसबीआई के खाता क्रमांक 3283 5387 571 में ₹67554 एवं ममता बंजारा के रिश्तेदार कुश के खाता क्रमांक 317331 16 911 में
69 397 रुपए एवं नेहा खाता क्रमांक 20 20 27 42 4 3 4 में 68782 रुपए रंजना खाता क्रमांक 3173 10 46 262 में 73034 रुपए कुल 278767 रुपए दिनांक 286 2020 को धनादेश क्रमांक 8592 11 के माध्यम से भेजा गया। एवं इनके 3 अन्य रिश्तेदारों के खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया है जो कि बिलासपुर निवासी हैं। एवं सूत्रों के अनुसार ममता बंजारा बिलासपुर वन क्षेत्र के नुरता सर्किल में बीट गार्ड के पद पर पदस्थ हैं। पूरे मामले में रेंजर ने अपने चहेतों को उपकृत किया है। बीट गार्ड के पद पर रहते हुए ममता बंजारा ने लवन वन परिक्षेत्र में ऐसा कौन सा कार्य किया है जिसके लिए उनके खाते में आरटीजीएस के माध्यम से पैसा भेजा गया है। पूरा मामला आर्थिक अपराध एवं जांच का विषय है। सूत्रों की माने तो लवन वन फरिक्षेत्र में करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया है। किंतु उच्चाधिकारियों द्वारा पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। रेंजर द्वारा वन परिक्षेत्र लवन के अधिकांश कार्य का भुगतान कटघोरा कोरबा कुसमुंडा बिलासपुर के खातों में भुगतान किया गया है।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी नंद कुमार सिन्हा से बात करने पर उन्होंने कहा कि नीचे से लेकर ऊपर तक सभी अधिकारियों और मंत्री तक पैसा देना पड़ता है अगर थोड़ा बहुत ट्रांसफर दूसरे खातों में कर दिया गए हैं तो यह कौन सी बड़ी बात है।

