अखिल पांडे
रायपुर: 07 मई 2026: पहली बार बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक हो रही है। इसके लिए विशेष तैयारी की जा रही है। प्रदेश में 112 डायल अभी 16 जिलों में उपलब्ध है, जिसका विस्तार पूरे प्रदेश में कर दिया जाएगा। बस्तर में सोना नहीं निकलता, लोहा निकलता है, इसलिए बस्तर में लौह अयस्क संबंधित प्लांट लगेंगे और यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। बड़े प्लांट लगने और यहां का पर्यावरण बदलने की बात केवल अफवाह है। भाजपा की केंद्रीय टीम में भेजे जाने की बात की चर्चा मैं भी सुनता हूं। यह महत्वपूर्ण जानकारी बुधवार को दैनिक छत्तीसगढ़ वॉच के साथ विशेष बातचीत में प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने दी।
नया रायपुर के महानदी भवन में बुधवार को प्रशासनिक फेरबदल होने के बाद अधिकारियों से लंबी चर्चा करने के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ वॉच को विशेष बातचीत का समय दिया। इस दौरान श्री शर्मा ने हमें महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया। कुछ खबरों को लेकर अफवाहें अधिक थीं, लेकिन सही जानकारी सामने नहीं आ पा रही थी। इसलिए सीधे गृह मंत्री से बात कर इसकी पुष्टि की गई।
सबसे पहले, आने वाले 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होने वाली है, इस पर विस्तार से बताएं।
गृह मंत्री: 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पहली बार बस्तर में आयोजित की जा रही है। इसके पहले वाराणसी में पिछले साल 24 जून को यह हुई थी। इस बार यह छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में होगी। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हिस्सा लेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के मुद्दे होंगे।
प्रश्न: बस्तर में नक्सली क्या अभी भी बचे हैं? बस्तर में भारी उद्योग लगने की बात हो रही है, जिससे वहां का पर्यावरण संतुलन बिगड़ने की बात भी की जा रही है।
गृह मंत्री: देखिए, बस्तर में लोहा का खनन होता है, सोना का नहीं। इसलिए लोहा आधारित उद्योग पहले से चल रहे हैं और उससे संबंधित उद्योग स्थापित होंगे। इसके अलावा पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, नक्सलवाद के कारण यहां का विकास अवरुद्ध हो गया था। इसे द्रुतगति से मुख्यधारा में शामिल करने का काम तेजी से चल रहा है। रही बात नक्सलवाद की, तो मुख्य नेता हथियार डाल चुके हैं और जो आम लोगों में घुल-मिल गए हैं, उनके सक्रिय होने का अंदेशा जरूर है, लेकिन इसके लिए हम सतत सजग हैं। नक्सलवाद ही नहीं, बल्कि वामपंथ को पूरे देश में नकार दिया गया है। आज की सच्चाई यह है कि लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना मूल मंत्र हो गया है। इस पर सबकी आस्था हो, यह हमारा दायित्व है। विचारधारा अलग हो सकती हैं, लेकिन जनता के बीच जाकर अपनी बात पहुंचाने और चुनाव के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ काम करना आम जनता का भी सम्मान है। बस्तर की बात करें तो आईईडी हटाने का काम चल रहा है। इस दौरान दुर्घटना भी हो गई, जिसकी वजह से डीआरजी के जवानों की दुखद मृत्यु हुई। यह आईईडी न केवल मानव बल्कि बेजुबान जानवरों के लिए भी भारी खतरा है, जिसे साहस के साथ हटाने का काम किया जा रहा है। हम ऐसा मानकर चल रहे हैं कि अगले साल मध्य तक जमीन के अंदर दबे बारूद को हटा लेंगे और बस्तर को बारूद से भी निजात दिला देंगे।
प्रश्न: बंगाल में भारी जीत मिली है, इस पर आपने भी भारी मेहनत की है।
गृह मंत्री: बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रमों की जिम्मेदारी मिली थी। 55 कार्यक्रम बंगाल में हुए, जिसके लिए और भी कई लोगों को दायित्व दिया गया था, जिसमें एक मैं भी था। रिजल्ट को लेकर मैं उत्साहित हूं, जिस तरह से बंगाल की जनता खुश है।
प्रश्न: क्या बांग्लादेशी घुसपैठियों पर अब लगाम लगेगी?
गृह मंत्री: निश्चित तौर पर घुसपैठ बंगाल के रास्ते हो रही थी। अब जब भाजपा सरकार बनने के बाद बेहतर तरीके से घुसपैठ बंद होगी। लेकिन छत्तीसगढ़ में पहली बार घुसपैठियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई करते हुए हमने लगातार बांग्लादेशियों को बाहर किया। इसके लिए पहली बार एसटीएफ का गठन किया, जिसके बाद घुसपैठियों पर कार्रवाई हो सकी।
कवर्धा की जनता पर अब अधिक ध्यान दूंगा
प्रश्न: नक्सल उन्मूलन के कारण अधिक ध्यान बस्तर की ओर देना पड़ता था, जिसकी वजह से अपने क्षेत्र कवर्धा विधानसभा में पूरा समय नहीं दे पाते थे। क्या ऐसी बात थी?
गृह मंत्री: नहीं, ऐसी बात नहीं थी, लेकिन यह जरूर है कि बस्तर पर विशेष फोकस करना पड़ता था और बस्तर का दौरा भी होता था। इसके बावजूद कवर्धा क्षेत्र के लोगों से सतत संपर्क बनाए रखता था। यह जरूर है कि अब कवर्धा क्षेत्र में और भी समय मिलेगा, जिसका मैं कवर्धा की जनता के लिए विशेष ध्यान देते हुए समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रखूंगा।
केंद्रीय टीम में जाने की चर्चा
प्रश्न: आपके भाजपा की केंद्रीय टीम में जाने की बात हो रही है।
गृह मंत्री: यह चर्चा तो मैं भी सुनता हूं। फिलहाल मुझे भी जानकारी नहीं है कि पार्टी मुझे कोई नया दायित्व दे रही है।

