- संगठन पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए प्रशिक्षण, शोध, नवाचार व महिलाओं और बच्चों के मुद्दों पर करेगा कार्य
आफताब आलम/बलरामपुर : छत्तीसगढ़ पंचायत नेटवर्क के बलरामपुर जिला इकाई गठन हेतु बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के 70 से अधिक सरपंचों ने भाग लिया एवं संगठन के उद्देश्य व स्वरुप पर विस्तृत चर्चा की गई। यूनिसेफ व जिला प्रशासन बलरामपुर के सहयोग से स्वंयसेवी संस्था एम.एस.एस.व्ही.पी. द्वारा संचालित किए जाने वाले छत्तीसगढ़ पंचायत नेटवर्क (सीजी-पंच) परियोजना के बैठक अवसर पर संस्था सचिव ने सभी आगंतुक जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह संगठन मूल रूप से महिलाओं तथा बच्चों से जुड़े हुए आंचलिक मुद्दों पर संगठित प्रयास करेगा। जिसमे पोषण, स्वास्थ, शिक्षा एवं संरक्षण मूल मुद्दे होंगे। यूनिसेफ प्रमुख जॉब जकारिया ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सीजी-पंच बलरामपुर में महिलाओं और बच्चों के हित में बेहतर कार्य करेगी। साथ ही सामाजिक नीति विशेषज्ञ बाल, परितोष दास द्वारा सीजी. पंच को महिला एवं बाल हितैशी पंचायत बनाने हेतु सभी सरपंचों से आह्वान किया गया। बैठक में सीजी-पंच के एलायंस कॉर्डिनेटर श्री जाशुआ कॉम्पटन द्वारा जानकारी दी गई कि इस संगठन के माध्यम से विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप का आयोजन किया जायेगा। जिसके तहत् सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारियां आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, शोध, नवाचार एवं महिलाओं और बच्चों के मुद्दों पर जन पैरवी के कार्य किये जायेंगे। जानकारियां एवं संघ के क्रियाकलाप को व्यापक स्तर पर प्रचारित व् प्रसारित करने के लिए संगठन का छत्तीसगढ़ पंच संवाद नामक त्रैमासिक मुखपत्र का ई-प्रकाशन किया जायेगा। प्रशिक्षण का आयोजन इंक्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच द्वारा सीखने पर आधारित होगी। सभी आगंतुक सरपंचों ने ध्वनि मत से जिला इकाई का गठन तथा उसकी आवश्यकता पर विशेष बल दिया और आपसी सहमति के आधार पर जिला इकाई के पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। जिसमें समलसाय सरपंच कोठली (मुख्य सलाहकार), तोड़ा कुमार सरपंच परसागुड़ी (मुख्य संयोजक), सीमा सरपंच करसी (उप संयोजक), धन्सी राम, सरपंच सिधमा (मीडिया प्रभारी), रवि प्रताप सरपंच, बगाड़ी (कार्यालय सचिव) चयनित हुए और सभी चयनित पदाधिकारियों ने मिलकर सीजी पंच नेटवर्क के पहचान चिन्ह का अनावरण किया। पहचान चिन्ह पर प्रकाश डालते हुए बताया गया की सीजी पंच के प्रतीक चिन्ह का रंग मटमैला है, जिससे इसके जमीनी स्तर पर होने का बोध होता है आपस में जुड़े हाथ पंच एवं पंचायत का बोध कराते हैं। प्रतीक चिन्ह के माध्यम से दर्शाए गए आनन्दित माँ एवं बच्चा इस बात का द्योतक है कि यह संगठन विशेष कर महिलाओं और बच्चों के विकास और खुशहाली के लिए कृत्संकल्पित है।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन, न्यायाधीशों द्वार कस्तुरबा आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा की दी गई जानकारी

जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सिराजुद्दीन कुरैशी के निर्देशन में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती रेशमा बैरागी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय रामानुजगंज में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त विधिक साक्षरता शिविर में सचिव द्वारा उपस्थित समस्त छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि साक्षरता प्रत्येक मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में चाहे वह नौकरी हो या जीवन यापन करना हर जगह शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। एक अशिक्षित व्यक्ति का जीवन कठिन होता है, क्योंकि वह व्यक्ति पढ़-लिख नहीं सकता, वह किताबों में संचित ज्ञान के भण्डार से अछुता रह जाता है। ऐसे व्यक्ति को अपने अधिकारों का ज्ञान नहीं होता है और वह तमाम कार्यों के लिए दुसरों पर निर्भर रहता है। साक्षरता का तात्पर्य पढ़-लिख सकने की क्षमता से है। दूसरे शब्दों में जिस व्यक्ति को अक्षरों का ज्ञान है तथा वह पढ़ने लिखने में सक्षम है, वह साक्षर है एवं जो व्यक्ति पढ़ने-लिखने में सक्षम नहीं होते वे निरक्षर है। साक्षरता से ही मानव अपना, अपने परिवार, अपने समाज एवं देश का विकास कर सकता है एवं निरक्षर व्यक्ति स्वयं का भला भी नहीं कर सकता। ऐसे स्थिति में वह समाज है एवं निरक्षर व्यक्ति स्वयं का भला भी नहीं कर सकता। ऐसे स्थिति में वह समाज और राष्ट्र का किस काम आयेगा। अतः सभी बालिकाओं को विद्या अध्ययन सुचारू रूप से करते हुए अपने लक्ष्य को पाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही सचिव ने प्रथम सूचन रिपोर्ट, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बाल श्रम, बाल शिक्षा, बाल विवाह, राष्ट्रीय लोक अदालत, नालसा हेल्प लाईन नम्बर 15100 के बारे में विस्तार से बताया गया साथ ही उपरोक्त संबंध में पाॅम्पलेट भी वितरण किया गया। उक्त शिविर में स्कुल के व्याख्याता एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।
विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कर बाल श्रम, बाल विवाह तथा लैंगिक अपराधों के बारे में छात्रों को दी गयी जानकारी

जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सिराजुद्दीन कुरैशी के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती रेशमा बैरागी द्वारा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजगंज में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त विधिक साक्षरता शिविरों में सचिव द्वारा उपस्थित समस्त छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि अध्ययन के साथ-साथ जीवन में अनुशासन का बड़ा महत्व है। लक्ष्य तय कीजिए और मेहनत कीजिए क्योंकि विद्या हमारे विकास के लिए आवश्यक है। विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के साथ अपने विद्यार्थी जीवन का आनंद लें और जो कुछ हम सीख रहे हैं अपने जीवन में अपनाएं एवं सच्चाई एवं लग्न के साथ यदि हम विद्या अध्ययन करते है तो आगे चलकर हमें हमारा लक्ष्य अवश्य ही प्राप्त होगा। इसके साथ ही सचिव श्रीमती बैरागी ने प्रथम सूचना रिपोर्ट, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बाल श्रम, बाल शिक्षा, बाल विवाह, राष्ट्रीय लोक आदालत, नालसा हेल्प लाईन नम्बर 15100 के बारे में विस्तार से बताया गया साथ ही उपरोक्त संबंध में पाॅम्पलेट भी वितरण किया गया। उक्त शिविर में स्कूल के व्याख्याता एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

