प्रांतीय वॉच

छात्र छात्रा सहूलियत के लिए निर्माण सड़क पर अनियमितता का आरोप

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टीकम निषाद/देवभोग : सैकड़ों छात्र छात्राओं की सहूलियत के लिए बनाई जा रही सीसी सड़क अधिकारियों की संरक्षण से भ्रष्टाचार की बलि चल रहा है । क्योंकि शुरुआती कार्य पर ही ठेकेदार द्वारा जमकर मटेरियल में कांटा मारी किया जा रहा है । गौरतलब हो कि पीडब्ल्यूडी विभाग ठेकेदार द्वारा गाड़ाघाट स्थित हाई स्कूल पर करीब 18 लाख की लागत से सीसी सड़क निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें ठेकेदार विभागीय प्रावधान को खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। बिना ठीक तरह लेबल किए हल्की मुरूमी डालकर रोलर से दबाया जा रहा है। इससे गीली मिट्टी की तरह सड़क काफी हद तक नीचे दब रहा है। जिससे विभागीय कर्मचारी भी दाना दाना मुरुमी छोड़कर मिट्टी की तरह मुरूम का उपयोग करने को लेकर स्वीकारते हैं। जानकारों का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले ठीक तरह उक्त सड़क को साफ कर उबड़ खबड़ को लेवल किया जाता है। तत्पश्चात क्वालिटीदार मुरूम डालकर पानी की तराई करते हुए अच्छी तरह रोलर से दबाया जाता है । ताकि जमीनी स्तर की मजबूती बनी रहे। लेकिन ठेकेदार ना मजबूती के लिए गंभीर है और ना क्वालिटी दार मटेरियल पर ध्यान देते हैं । जिसका प्रमुख कारण साइड इंचार्ज से लेकर एसडीओ को जिम्मेदार माना जाता है। क्योंकि यह प्रमुख अधिकारी कार्यस्थल पर दिखाई देते तो शायद कुछ हद तक नियम का पालन किया जाता। लेकिन जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी से नियमानुसार गुणवत्ता पूर्वक बिल्कुल भी काम नहीं हो पा रहा है। तभी बिना लेबल की और दाना दाना मजबूत मुरूमी की जगह मिट्टी की तरह मुरूमी का उपयोग हो रहा है। जिससे इंजीनियर एसडीओ भी अच्छी तरह अवगत हैं । मगर अफसोस की बात है गुणवत्ताहीन सीसी सड़क निर्माण में किसी प्रकार सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। मतलब स्तर हीन सीसी सड़क का खामियाजा खाने वाले दिनों में छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ेगा। जिसके मद्देनजर ग्रामीणों में खासी नाराजगी देखने को मिल रहा है। क्योंकि ग्रामीण और स्कूल प्रबंधन द्वारा ठेकेदार कर्मचारियों को लगातार क्वालिटी दार मटेरियल इस्तेमाल एवं पानी की तराई ठीक से करने के लिए बार-बार कहा गया। लेकिन ठेकेदार कर्मचारियों पर कोई असर देखने को नहीं मिला । इससे अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर भी सवाल खड़ा किया जा रहा है । जिसकी शिकायत जिलाधीश और विभागीय मंत्री से कर जांच एवं कार्यवाही की मांग करने की बात कह रहे हैं।

एम आर जाटव कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग गरियाबंद : एसडीओ को सड़क की निरीक्षण करने के लिए भेजा जाएगा और मुर्गी की क्वालिटी ठीक है तो उपयोग होगा नहीं तो स्पष्ट मना कर दिया जाएगा

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