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गरियाबंद जिले के वन्य ग्राम मरोदा के आसपास़ नरभक्षी तेंदुए का आतंक लगातार जारी

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महेन्द सिंह/गरियाबंद/नवापारा राजिम : गरियाबंद क्षेत्र के वन्य ग्राम मरोदा और उसके आश्रित ग्राम कोचेना तथा आसपास नरभक्षी तेंदुए का आतंक लगातार जारी है 3 माह पूर्व यहीं से मासूम नौ वर्ष की बालिका रानी कमार को नर भक्षी तेंदुआ उठा ले गया था और उसके अवशेष दूसरे दिन मिले थे इसी तरह से 1 वर्ष पूर्व कोचेना ग्राम के 8 वर्ष के बालक को तेंदुआ उठा ले गया था और अभी 15 दिन पूर्व जड़जड़ा ग्राम के शंकर निषाद जो किसी काम से कोचेना गए थे उन पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों के हो हल्ला करने और स्वयं के प्रयास से जान बचाई लेकिन तेंदुए ने उन्हें घायल कर ही दिया। सबसे बड़ी बात वन विभाग की है जिसमें अब तेंदुए को पकड़ कर कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करें या और कोई अन्य उपाय करें ।और 2 साल के अंदर यह चौथा नरभक्षी तेंदुए का हमला था।

कोचेना ग्राम की वृद्धा को तेंदुआ उठा ले गया- दिनांक 20 अक्टूबर 2021 को उक्त ग्राम की निवासी थनवारीन कमार उम्र 70 वर्ष पति स्वर्गीय घासीराम कमार को शाम सात बजे उसके घर से थोड़ी दूर वह शौच क्रिया करने गई थी वहां तेंदुआ पहले से घात लगाए बैठा था और उस पर उसने हमला कर दिया उसके चीखने चिल्लाने पर जब गांव वाले दौड़े तो घटनास्थल से थोड़ी दूर बहुत ही भयानक मंजर था चंद मिनट पहले जो जिंदा थी उसका सिर जंगल में पड़ा था और बाकी शरीर तेंदुआ लेकर भाग चुका था जिसको देखकर सभी ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए और हाहाकार मच गया मरोदा के युवा सरपंच अभिमन्यु ध्रुव ने तत्काल रेंज ऑफिसर पुष्पेंद्र साहू को सूचना दी और थाने को भी सूचित किया तथा ग्रामीणों के साथ अभागी वृद्धा के शरीर के तलाश में लाठी मशाल टॉर्च लेकर घटनास्थल के अंदर जंगल में खोजबीन शुरू कर दिए। सरपंच अभिमन्यु ध्रुव ने छत्तीसगढ़ वाच ब्यूरो प्रमुख महेंद्र सिंह ठाकुर को बताया हम फॉरेस्ट विभाग के आला अधिकारी और छत्तीसगढ़ शासन से मांग करते हैं अभिलंब नरभक्षी तेंदुए को मारा जाए या पकड़ा जाए नहीं तो यहां मरोदा सहित आसपास के गांव में तेंदुए का आतंक बना रहेगा और हमारा आक्रोश कभी भी प्रशासन के खिलाफ फूट सकता है।
रेंजर पुष्पेंद्र साहू घटनास्थल की ओर दलबदल रवाना- घटना की जानकारी मिलते ही उस सर्कल के रेंजर पुष्पेंद्र साहू तत्काल रवाना हो चुके हैं उनके साथ पूरा स्टाफ है उन्होंने छत्तीसगढ़ वाज ब्यूरो प्रमुख महेंद्र सिंह ठाकुर को बताया नियमानुसार शासन के द्वारा मित्र का के आश्रित को मुआवजा दिया जाएगा और तेंदुए के आतंक से जनता को मुक्त करने के लिए उच्चाधिकारी को सूचित कर दिया जाएगा शासन जैसा निर्णय लेगा वैसे ही त्वरित कार्यवाही जंगल विभाग करेगा।

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