नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से एक याचिका को लेकर जवाब मांगा है। इसमें टेट्रा पैक और सैशे जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग संगठन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने के दौरान यह जवाब मांगा गया और साथ ही इस पर सुनवाई के लिए सहमति भी जताई।
जूस और शराब में भ्रम पैदा करने का आरोप
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील विपिन नायर ने कहा कि एक्साइज नियमों के तहत बोतल की परिभाषा अभी स्पष्ट नहीं है और इस संबंध में कुछ मानक तय होना चाहिए। उन्होंने कहा, “वे फलों के जूस और शराब में भ्रम पैदा कर रहे हैं। वे सेब की तस्वीर का इस्तेमाल करते हैं, जबकि पैक में वोका होती है।” उन्होंने आगे कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है।
याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होने वाली एक नीति बनाए और टेट्रा पैक और सैशे जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाए।
इसमें केंद्र को राज्यों के संबंध में एक नीति बनाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है, ताकि राज्य अपने-अपने एक्साइज कानूनों, नियमों और नीतियों में तुरंत संशोधन कर सकें और बॉटलिंग की एक समान परिभाषा अपना सकें, जो केवल कांच के कंटेनरों या अन्य स्पष्ट रूप से अलग दिखने वाले पात्रों तक ही सीमित हो।

