- लाकडाउन के चलते बैंको में सामान्य लेनदेन बंद होने से आम जनता को हो रही है परेसानी
यामिनि चंद्राकर/छुरा : वर्तमान समय मे पूरे प्रदेश के लोग कोरोना संक्रमण के चलते काफी परेसान है लगातार लाकडाउन की वजह से गरीबो को काम नही मिल रहा है तो वही बैंको के लगातार बन्द और सरकारी लेनदेन के अलावा बाकी लेनदेन पर रोक के चलते आम जनता को काफी कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है इस महामारी ने कितनो परिवार के सदस्यों को अपने परिवार से दूर कर दिया है कितनो लोग बेरोजगार हो गए है कितनो के सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई है तो कई लोग इस कोरोना की वजह से अपना व्यापार खो चुके है वर्तमान समय मे सबसे ज्यादा बुरा हाल छोटे छोटे गुमटिया व ठेला में गुपचुप होटल पान ठेला में अपना व्यापार चलाकर पेट पालने वालो का है उनके पास इस परिस्थिति को देखते हुए कोई चारा नही है। गरियाबंद जिला वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां के 80% प्रतिशत लोगो का आय का जरिया जंगल के वनोपज से जुड़ा हुआ है गरियाबंद जिले में निवास करने वाले वनवासियों का मुख्य आय का जरिया जंगल में मिलने वाली महुआ चार इमली के साथ तेंदुपत्ता का संग्रहन काफी महत्व रखता है वन क्षेत्रों में निवास करने वाले लोग अप्रेल के महीने में तेंदुपत्ता संग्रहन कर अच्छी आय प्राप्त करते है इस बार भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में तेंदुपत्ता खरीदी जारी है वर्तमान समय मे जिले में 1 माह से लाकडाउन लगा हुआ है जिसके चलते बैंक में लेनदेन का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर में तेंदुपत्ता की खरीदी नगद करने का निर्णय लिया गया है जो स्वागत योग्य है किंतु इस कोरोना संक्रमण काल मे लाकडाउन की स्थिति में बाकी जिलों से भेदभाव करना गलत है सरकार को चाहिए कि जिस तरह बस्तर में तेंदुपत्ता की नगद खरीदी की जा रही है वैसे ही गरियाबंद जिला में भी तेंदुपत्ता की खरीदी का नगद भुगतान करे ताकि गरियाबंद जिला के तेंदुपत्ता संग्रहको को भी इस लाकडाउन मे राहत मिल सके सरकार इस पर भी विचार करे।

