Bilaspur-Kolkata flight stopped! The direct flight started after a month and a half, but the brakes were again put on the train.
बिलासपुर। बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान सेवा एक फेरे में ही दम तोड़ गई। शुक्रवार को दूसरे फेरे में सफर के लिए 42 यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे, लेकिन उड़ान बंद होने से सभी की बुकिंग रद कर रकम लौटा दी गई। बिना किसी जायज वजह के हवाई कनेक्टिविटी की इस अहम कड़ी को तोड़े जाने से बिलासपुर में नाराजगी गहराने लगी है।
सुविधा विस्तार की उम्मीदों के बीच मिली इस चोट ने एक बार फिर हवाई सेवा को लेकर उपेक्षा के सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता उड़ान डेढ़ महीने से बंद थी। इसे शुरू करने लगातार विरोध, मांग व दबाव बनाया जा रहा था। इसी का प्रभाव है कि विंटर शेड्यूल में एलाइंस एअर ने इसे दोबारा शुरू करने की घोषणा की। जारी शेड्यूल के अनुसार बीते रविवार को पहले फेरे की उड़ान प्रारंभ हुई।
एक दिन पहले उड़ान बंद करने का ऐलान
पहले ही दिन बिलासपुर से फ्लाइट में 36 यात्रियों ने कोलकाता के लिए उड़ान भरी। इस उड़ान सेवा को बेहतर रिस्पांस मिला। उम्मीद थी कि धीरे-धीरे यात्री बढ़ेंगे। दूसरे फेरे में यही हुआ। शुक्रवार को 42 यात्रियों ने बुकिंग कराई थी। लेकिन, एक दिन पहले दूसरे फेरे के साथ इस सीधी उड़ान को बंद करने का ऐलान कर दिया गया।
हालांकि इस महत्वपूर्ण उड़ान को एकाएक बिना किसी ठोस कारण के बंद करने का यह निर्णय समझ से परे हैं। जिन्होंने दूसरे फेरे के लिए बुकिंग किया था, उन्हें झटका लगा ही।
आगामी दिनों में इसमें यात्रा करने की योजना बना रहे यात्री भी मायूस हुए है। उनका कहना है कि प्रदेश के दूसरे प्रमुख शहर बिलासपुर की हवाई सुविधा में लगातार उपेक्षा हो रही है। कोलकाता उड़ान दोबारा बहाल होने से हर कोई खुश था। लेकिन, उनके इस उत्साह पर पानी फेर दिया गया है।
समिति का आरोप
सरकार के निर्देश पर एलायंस एअर ने किया बंदहवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति का आरोप है कि यह उड़ान एलायंस एअर ने छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश में यह सुविधा बंद की है। एअर कंपनी की ओर से इस उड़ान को बेहतर रिस्पांस मिलने की जानकारी भी दी गई। समिति का कहना है कि सरकार ने ऐसा समिति के उल्टा मार्च आंदोलन को लेकर किया है।
दरअसल इस आंदोलन में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए और सभी ने हवाई सुविधा विस्तार की मांग की। इस विरोध के बाद उम्मीद थी कि सुविधाओं में विस्तार को लेकर जल्द ठोस निर्णय लिए जाएंगे। लेकिन, विरोध करना भारी पड़ गया। सरकार ने इस महत्वपूर्ण सुविधा को ही बंद कर दिया। इसके चलते नागरिकों में आक्रोश है।
समिति ने यह भी आरोप लगाया कि रायपुर की लाबी के दबाव में राज्य सरकार का एक हिस्सा बिलासपुर की हवाई सुविधा के विस्तार में लगातार बाधा बना हुआ है और समिति के उल्टा बात की सफलता के प्रतिक्रिया में यह कदम उठाया गया है।
उड़ान शुरू करने उप मुख्यमंत्री व विधायकों से चर्चा
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इस निर्णय के बाद उठी परिस्थितियों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव और वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल व धरमलाल कौशिक से दूरभाष पर चर्चा की और उनसे इस फैसले को बदलवाने और बिलासपुर -कोलकाता उड़ान को बहाल कराने मांग की। समिति जिले के अन्य विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से भी संपर्क करेगी।
उड़ान बंद करने का फैसला वापस नहीं तो आंदोलन तेज करेगी समिति
बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान सेवा बंद किए जाने पर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कड़ी नाराजगी जताई है। समिति ने इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समिति के अनुसार, लंबे संघर्ष के बाद मिली हवाई सुविधा को इस तरह बंद करना यात्रियों के हितों के विपरीत है। यदि उड़ान सेवा बहाल नहीं की गई तो आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा तथा विरोध तेज किया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया कि बिलासपुर के हवाई अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।

