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आंजनेय विश्वविद्यालय का फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ हुआ एमओयू

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रायपुर। आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर के संकाय विज्ञान के अंतर्गत संचालित फॉरेंसिक साइंस विभाग ने शैक्षणिक एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विभाग द्वारा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के फॉरेंसिक साइंस विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया है। यह सहयोग दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

 

इस एमओयू का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ फॉरेंसिक साइंस की आधुनिक तकनीकों, नवीन अनुसंधान विधियों और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना है। इसके माध्यम से संयुक्त शोध गतिविधियों, विशेषज्ञ व्याख्यानों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा संकाय सदस्यों के शैक्षणिक आदान-प्रदान की संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

इस अवसर पर संकाय विज्ञान की डीन डॉ. शिल्पा शर्मा ने कहा, “आंजनेय विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक प्रयोगशालाओं, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुसंधान के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (SFSL) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान तथा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शैक्षणिक संस्थान के साथ सहयोग निश्चित रूप से आंजनेय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा। यह साझेदारी विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यावहारिक दक्षता, शोध क्षमता और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में फलदायी सिद्ध होगी।”

 

डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में फॉरेंसिक साइंस का महत्व अपराध अनुसंधान, न्यायिक प्रक्रिया, डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण तथा वैज्ञानिक जांच के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

आंजनेय विश्वविद्यालय का संकाय विज्ञान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रयोगशाला-आधारित प्रशिक्षण, अनुसंधान और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस प्रकार की संस्थागत साझेदारियां न केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक शिक्षा एवं फॉरेंसिक अनुसंधान को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होंगी।

 

यह उपलब्धि आंजनेय विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और संस्थागत सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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