बिलासपुर। जिले के सीपत-बलौदा मार्ग की बदहाल सड़क अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण यह सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। इसके चलते मंगलवार देर रात से भारी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। सड़क की इस जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोग पहले भी कई बार विरोध जता चुके हैं, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण सीपत-बलौदा मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बने विशाल गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लग पाता। इसी वजह से मंगलवार रात करीब 10 बजे से भारी वाहनों की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबे जाम में बदल गई।
खराब सड़क पर ट्रक, ट्रेलर और अन्य भारी वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ने को मजबूर दिखे। कई वाहन गड्ढों में बुरी तरह फंस गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। रातभर वाहन चालक और यात्री जाम में फंसे रहे, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस भीषण जाम का सीधा असर छोटे वाहनों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को भी बीच रास्ते में घंटों इंतजार करना पड़ा। लगातार बारिश और बदहाल सड़क ने इस मार्ग पर आवागमन को बेहद जोखिमभरा बना दिया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सीपत-बलौदा मार्ग पर औद्योगिक और मालवाहक भारी वाहनों का लगातार अत्यधिक दबाव रहता है। जर्जर सड़क और बारिश के कारण अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे आए दिन न सिर्फ जाम लग रहा है बल्कि बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
परेशान वाहन चालकों और क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से तत्काल गड्ढों को भरने और सड़क का मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो इस बारिश में यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाएगा और आम जनता की परेशानी और अधिक बढ़ जाएगी।
[30/07, 3:05 pm] विकास: स्मार्ट मीटर से आ रहे भारी-भरकम बिल के खिलाफ कांग्रेस ने फूंका बिगुल, घर-घर जाकर शिकायतें जुटाएंगे कार्यकर्ता
बिलासपुर। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से आ रहे भारी-भरकम बिजली बिलों को लेकर आम जनता की शिकायतों के बीच अब कांग्रेस ने इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में बिलासपुर शहर कांग्रेस ने विशेष बैठक कर राज्य सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने की नई रणनीति बनाई है। कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि स्मार्ट मीटर की वजह से आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता अब घर-घर जाएंगे। वे उपभोक्ताओं से सीधा संपर्क कर बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी उनकी समस्याओं को सुनेंगे और इसके खिलाफ उनसे लिखित शिकायतें एकत्र करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि इन स्मार्ट मीटरों से मध्यम और गरीब वर्गीय परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित और परेशान हो रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “स्मार्ट मीटर हटाओ, जनता को राहत दिलाओ” अभियान के तहत बिलासपुर को स्मार्ट मीटर मुक्त बनाने की मांग की जा रही है। शहर के अलग-अलग वार्डों और घरों से जुटाई गई इन लिखित शिकायतों को प्रदेश स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि सरकार और बिजली विभाग पर कार्रवाई का भारी दबाव बनाया जा सके। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि आम जनता की इस परेशानी और उनकी आवाज को हर स्तर पर मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

