बिलासपुर | (विशेष संवाददाता) बिलासपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। इस दौरान मस्तुरी क्षेत्र में रेशम पालन परियोजना के नाम पर सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला प्रमुखता से उठा, जिस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल जांच और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मस्तुरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत दर्राभांठा के सरपंच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शासकीय जमीन पर चल रही रेशम पालन परियोजना में सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, वर्तमान संचालक समूह और एक व्यक्ति द्वारा कई सालों से अलग-अलग खातों में सरकारी राशि जमा कर लाखों रुपए का गबन किया जा रहा है। इसके साथ ही, जिले के कई किसानों ने लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। ग्राम सेंदरी और कछार के किसानों ने बताया कि सीबीजी संयंत्र निर्माण के बाद बरसाती नाले की निकासी पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे खेतों में पानी भर रहा है और फसलें खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
जनदर्शन में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। मंगला स्थित दीनदयाल कॉलोनी के रहवासियों ने खराब ट्रांसफार्मर के कारण बार-बार बिजली गुल होने की शिकायत की और नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग रखी। वहीं, मस्तुरी ब्लॉक के धनगंवा शासकीय हाई स्कूल में गणित विषय के शिक्षक की कमी का मुद्दा भी गूंजा। शाला प्रबंधन और विकास समिति के अध्यक्ष ने बताया कि लंबे समय से शिक्षक न होने के कारण छात्रों, विशेषकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
इन प्रमुख मुद्दों के अलावा, कई व्यक्तिगत और स्थानीय शिकायतें भी कलेक्टर के सामने रखी गईं। सरकंडा निवासी दिव्यांग बबीता यादव ने आवागमन के लिए ट्राईसाइकिल की मांग की, जबकि ग्राम बाम्हू खैरा के दिव्यांग चंदन कुमार ने स्वरोजगार के लिए घर के पास स्थित सरकारी तालाब में मछली पालन की अनुमति मांगी। अमेरी निवासी रोहित कुमार ने मोपका गौशाला में बंद अपनी गाय वापस दिलाने का आवेदन दिया। वहीं, बेलगहना तहसील के ग्राम बहरामुड़ा निवासी लक्ष्मण सिंह ने शॉर्ट सर्किट से घर में लगी आग से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। लक्ष्मण ने बताया कि 5 महीने पहले आवेदन करने के बावजूद उन्हें अब तक कोई सहायता राशि नहीं मिली है।
जनदर्शन में प्राप्त इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करें और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।

