‘Bill shock’ strikes as soon as smart meters are installed! Allegations of being handed a slip on plain paper—instead of a printed bill—showing amounts ranging from ₹8,000 to ₹61,000.
कवर्धा/दशरंगपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार और बिजली विभाग के दावों के बीच कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दशरंगपुर से बिजली उपभोक्ताओं को कथित तौर पर भारी-भरकम बिल थमाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं को नियमित प्रिंटेड बिजली बिल के स्थान पर कोरे कागज की पर्ची पर 8 हजार से लेकर 61 हजार रुपये तक की राशि बताए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों से सूचना प्राप्त होने पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कवर्धा ग्रामीण के अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी ने दशरंगपुर पहुंचकर ग्रामीणों से प्रत्यक्ष मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा बताई गई शिकायतों और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मणिकांत त्रिपाठी ने कहा कि स्मार्ट मीटर यदि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए है, तो फिर मीटर लगते ही हजारों रुपये के बिल और प्रिंटेड बिल की जगह कागज की पर्चियां क्यों? सरकार और बिजली विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि इन बिलों की गणना किस आधार पर की गई है और उपभोक्ताओं को विधिवत बिल उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान और आम उपभोक्ता पहले ही महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च से परेशान हैं। ऐसे में यदि स्मार्ट मीटर के नाम पर अचानक हजारों रुपये का बिजली बिल थमा दिया जाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। बिजली विभाग को उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निराकरण करते हुए मीटर रीडिंग, बिल गणना और वसूली की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करनी चाहिए।
मणिकांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि ग्रामीण उपभोक्ताओं की शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस ग्रामीणों के साथ खड़ी है और आवश्यकता पड़ने पर बिजली विभाग के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा।
इस अवसर पर भीषम पांडे जिलाउपाध्यक्ष भोलाराम चंद्रवंशी जिला महामंत्री आकाश केसरवानी प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस महेश केसरी शैलेंद्र केसरवानी उपाध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस राजू खान पूर्व सरपंच सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

