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Hormuz Strait Crisis: ओमान के नए समुद्री रूट से भड़का ईरान! तेल टैंकर पर किया मिसाइल हमला

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Hormuz Strait Crisis: तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ताओं और साठ दिनों के अंतरिम युद्धविराम के दौरान खाड़ी क्षेत्र में तनाव फिर से गहरा गया है। यह नया विवाद ओमान द्वारा तेल टैंकरों के लिए एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग की घोषणा के बाद शुरू हुआ। ईरान ने इस नए मार्ग को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की थी, लेकिन इसके बावजूद कई जहाज इस रास्ते से गुजरने लगे।

इसी बीच, गुरुवार को इस नए रूट से गुजर रहे एक जहाज पर मिसाइल से हमला किए जाने की खबर सामने आई है। हालांकि, ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने पुष्टि की है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

 

ओमान का टोल-फ्री कॉरिडोर

ओमान ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन(आईएमओ) के समर्थन से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक अस्थायी समुद्री कॉरिडोर उपलब्ध कराया है। इस नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि इसमें जहाजों से किसी भी प्रकार का ट्रांजिट शुल्क या टोल नहीं लिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान लंबे समय से होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देने के बदले शुल्क वसूलने की वकालत कर रहा था।

 

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स(आईआरजीसी) ने ओमान के इस नए मार्ग को पूरी तरह अवैध करार दिया है। आईआरजीसी का स्पष्ट कहना है कि होर्मुज में केवल वे ही मार्ग मान्य होंगे जिन्हें तेहरान ने निर्धारित किया है, और इन रास्तों से बाहर जाने वाले जहाजों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

 

टोल टैक्स पर अमेरिका का सख्त रुख

अमेरिका ने ईरान द्वारा टोल वसूलने के किसी भी संभावित प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते में होर्मुज जलसंधि से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की बात शामिल होती है, तो यह अमेरिका को बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं होगा और यह गेम चेंजर साबित होगा।

इसी बीच, बहरीन में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की बैठक में पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी चेतावनी दी कि यदि ईरान यहां टोल लगाता है, तो इसका असर दुनिया के अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्गों पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा, ट्रंप ने ईरान के मिनाब स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में अमेरिका का हाथ होने से इनकार करते हुए कहा कि वहां कई मिसाइलें दागी गई थीं और यह स्पष्ट नहीं है कि वे मिसाइलें किसने दागी थीं।

अमेरिकी सीनेट में ट्रंप की जीत

इन अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को घरेलू राजनीति में एक बड़ी राहत मिली है। ट्रंप की सैन्य शक्तियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में 24 घंटे के भीतर ही गिर गया। मतदान से पहले ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों के साथ बैठक कर नाराजगी जताई थी। इस जीत से व्हाइट हाउस को ईरान के साथ बातचीत में एक मजबूत राजनीतिक बढ़त हासिल हुई है।

वहीं दूसरी ओर, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ लड़ाई में नाटो देशों के असहयोगात्मक रवैये पर कड़ी निराशा जताई है। उन्होंने नाटो प्रमुख मार्क रुटे से स्पेन, इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों के रवैये की आलोचना की। अपनी सैन्य ताकत का दावा करते हुए ट्रंप ने यहाँ तक कहा कि अमेरिका चाहे तो वह वेनेजुएला को एक घंटे में और ईरान को महज एक हफ्ते के भीतर खत्म कर सकता है।

 

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