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रायपुर ड्रग्स केस में ED की एंट्री, नाव्या मलिक से जुड़े 850 लोगों की पड़ताल शुरू

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ड्रग्स मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है। कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ी आरोपी नाव्या मलिक के केस में एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कमाई के स्रोतों की जांच तेज कर दी है।

ईडी ने इस पूरे मामले से जुड़ी पुलिस चार्जशीट, केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तलब किए हैं। पुलिस पहले ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। अब ईडी की एंट्री के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।

 

मनी ट्रेल और काले धन की जांच

ईडी की प्राथमिक जांच इस बात पर केंद्रित है कि ड्रग्स कारोबार से अर्जित कथित रकम को कहां-कहां और किस माध्यम से खपाया गया। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में वित्तीय लेन-देन की श्रृंखला क्या थी और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

आईसूत्रों के अनुसार, यदि जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता संकेत मिलते हैं तो आगे चलकर संपत्ति जब्ती और अन्य सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।

2025 में हुआ था खुलासा

यह मामला 23 अगस्त 2025 को सामने आया था, जब पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान नाव्या मलिक का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया।

नाव्या मलिक रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की निवासी बताई जाती है। पुलिस जांच में आरोप है कि वह हाई-प्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स सप्लाई से जुड़ी थी और नेटवर्क की अहम कड़ी के रूप में काम कर रही थी। जांच में सामने आया कि पूरा ड्रग्स नेटवर्क मोबाइल फोन और एनक्रिप्टेड एप्स के जरिए संचालित होता था। ऑर्डर से लेकर सप्लाई तक का पूरा सिस्टम डिजिटल माध्यम से नियंत्रित किया जाता था, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल होता था। एजेंसियों के अनुसार, धीरे-धीरे इस नेटवर्क का दायरा शहर के प्रभावशाली और संपन्न वर्ग तक पहुंच गया था।

अब तक 9 गिरफ्तार

पुलिस जांच में यह दावा किया गया था कि नाव्या मलिक के मोबाइल डेटा से करीब 850 से अधिक लोगों के संपर्क सामने आए थे। इनमें कारोबारी, क्लब और होटल संचालक, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोग और अन्य प्रभावशाली व्यक्ति शामिल बताए गए थे। हालांकि, पुलिस ने अब तक सीमित लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की है और कई नाम अभी जांच के दायरे में हैं।

इस केस में नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में सभी आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।

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