इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (ISG) छत्तीसगढ़ चैप्टर, एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन्स ऑफ इंडिया (API) के साथ मिलकर 10 मई 2026 को रायपुर में “प्रिवेंटिव हेपेटोलॉजी” पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के डॉक्टरों को लिवर सिरोसिस को रोकने के आसान और प्रभावी तरीकों की जानकारी देना है।
इस सम्मेलन में देश के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो बीमारी की समय पर पहचान, सही जीवनशैली और बेहतर इलाज के तरीकों पर मार्गदर्शन देंगे। इसमें डॉक्टरों को जांच, जोखिम को पहचानने और सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के बारे में जानकारी मिलेगी।
इस मौके पर “छत्तीसगढ़ लिवर शील्ड कंसोर्टियम” की भी शुरुआत की जाएगी। यह एक ऐसा मंच होगा, जो पूरे राज्य में लिवर से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता, प्रशिक्षण और सहयोग को बढ़ावा देगा।
अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर से आयोजन अध्यक्ष डॉ. देविंदर सिंह विरदी ने कहा, “लिवर सिरोसिस समय पर जागरूकता और उचित कदमों से रोका जा सकता है। यह सम्मेलन और छत्तीसगढ़ लिवर शील्ड कंसोर्टियम हमारे राज्य कि लिवर के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक सशक्त पहल है।”
सीनियर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर से आयोजन सचिव डॉ. ललित निहाल ने कहा, देश भर के प्रख्यात लिवर विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर हम फैटी लिवर शराब से जुड़े लिवर की बीमारियाँ वायरल हेपेटाइटिस और उसके रोकथाम के लिए संगठन (छत्तीसगढ़ लिवर शील्ड) बनाने जा रहे है, हम सब मिल कर एक ऐसे संगठन का निर्माण कर रहे है जिसकी सेवा राज्य के हर जिले तक पहुच सके।”
अविनाश ग्रुप रायपुर के निर्देशक श्री अरुण सिंघानिया का लिवर ट्रांसप्लांट 2 वर्ष पूर्व एक ब्रेन डेड डोनर के लिवर से हुआ था, जिससे उन्हें नया जीवन मिला। उन्होंने बताया कि उन्हें फैटी लिवर की बीमारी थी, जबकि उन्होंने जीवन भर शराब की एक बूंद भी नहीं पी, फिर भी उनका लिवर फेल हो गया। लिवर ट्रांसप्लांट के बाद वे आज पूर्ण रूप से स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी रहे हैं तथा सफलतापूर्वक कई बार विदेश यात्रा भी कर चुके हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ लिवर शील्ड कार्यक्रम के सामुदायिक संरक्षक बनने की सहमति दी है तथा इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी छत्तीसगढ़ चैप्टर को समाज में लिवर रोगों एवं अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु उदार सहयोग प्रदान किया है।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर निवासी श्री विनोद कुमार कश्यप का लिवर ट्रांसप्लांट रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुआ। उन्हें उनके भाई श्री गौतम कुमार कश्यप द्वारा दान किए गए लिवर के एक हिस्से से नया जीवन मिला। उनके इस निःस्वार्थ और प्रेरणादायक कार्य के लिए हम इस सम्मेलन में उनका सम्मान करेंगे।

