A two-day state-level workshop on the water crisis was organized in Nimora, with emphasis placed on water conservation.
रायपुर के निमोरा के ठा. प्यारे लाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में छत्तीसगढ़ में बढ़ते जलसंकट एवं जल संरक्षण के महत्वपूर्ण स्थानीय उपायों पर आधारित दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला सह – प्रशिक्षण का आयोजन किया गाया। इस महत्वपूर्ण कार्यकम में प्रदेश भर से आए जनप्रतिनिधियों अधिकारियों एव जल संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला के दौरान छतीसगढ़ में बढ़ते जल संकट के विभिन्न कारणों जैसे भूजल स्तर में गिरावट, वर्षा जल का उचित संचयन न होना और जल संरक्षण के स्थानीय उपायों जैसे वर्षा जल संचयन, तालाबों एवं कुओं का पुनर्जीवन, खेत तालाब निर्माण, जलग्रहण क्षेत्र विकास जैसे महत्व पूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
जिला कबीरधाम जनपद पंचायत कवर्धा अंतर्गत ग्राम पंचायत चचेड़ी की सरपंच पल्लवी शर्मा ने भी इस कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता निभाई और कहा की ग्राम स्तर पर जनसहभगिता के माध्यम से जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। ग्राम में खराब वोरवेल को रिचार्ज करने का कार्य किया जायेगा साथ ही ग्रामीणों को घर-घर जाकर पानी सोख्ता गड्डा बनाने प्रेरित किया गया है।
विधायक भावना बोहरा से पंचायत भवन में ग्रामसभागार हाल , गांव में दो सी सी रोड और पंचायत भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मांग की गयी है ।

