Big blow to Trump! Democrats take control of the US Senate, the Republican Party suffers a crushing defeat in many states.
वॉशिंगटन। अमेरिका के 2026 के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चुनावी नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी सीनेट पर कब्जा जमा लिया है। पार्टी ने पांच सीटें जीतकर सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी रिपब्लिकन पार्टी को कई अहम सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है।
ताजा चुनावी रुझानों और नतीजों ने ट्रंप की राजनीतिक ताकत को बड़ा झटका दिया है। टेक्सस, ओहायो, कंसास और विस्कॉन्सिन जैसे अहम राज्यों में डेमोक्रेट्स ने बड़ी जीत दर्ज की है। कंसास में 1932 के बाद पहली बार डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने सीनेट सीट जीतकर 94 साल का सूखा खत्म किया है। वहीं, टेक्सस में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा ने रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबट को हराकर बड़ा उलटफेर किया है।
कई राज्यों में डेमोक्रेट्स का दबदबा
चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने कई राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी से सीटें छीन ली हैं। ओहायो में एमी एक्टन ने विवेक रामास्वामी को हराकर गवर्नर पद पर जीत दर्ज की। वहीं, डेविड क्राउली ने विस्कॉन्सिन में जीत हासिल कर राज्य के पहले अश्वेत गवर्नर बनने का इतिहास रचा है। जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स पहली अश्वेत महिला गवर्नर चुनी गई हैं।
हार के बाद ट्रंप का आया बयान
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि वह चुनाव परिणाम स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई है। हालांकि, इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगर वह खुद चुनाव मैदान में होते तो भारी जीत हासिल करते।
भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने भी मारी बाजी
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने दोबारा जीत दर्ज की है। वहीं, अन्य मुकाबलों में भी भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
बता दें कि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों, सीनेट की 35 सीटों और 36 राज्यों के गवर्नर पदों के लिए चुनाव कराया जाता है। इन नतीजों का असर ट्रंप के शेष कार्यकाल और उनकी सरकार की नीतियों पर पड़ सकता है।

