बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 17 करोड़ रुपये के कथित फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाले में पुलिस लगातार बड़ी कार्रवाई कर रही है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) रजनेश सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए जांच की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
एसपी ने बताया कि अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें महिला डॉक्टर, अधिवक्ता, तहसील कार्यालय से जुड़े कर्मचारी, पुलिसकर्मी और अन्य सहयोगी शामिल हैं। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, झूठे दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर सर्पदंश से मौत के नाम पर करोड़ों रुपये का मुआवजा प्राप्त किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से कार्य कर रहा था। अब तक 14 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों तथा अन्य दस्तावेजों की गहन जांच जारी है।
एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि जांच अभी जारी है। इस पूरे षड्यंत्र में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, आगे भी गिरफ्तारियां की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले में वित्तीय लेन-देन, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क और मुआवजा स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।

