रायपुर। ब्रह्मविद द ग्लोबल स्कूल में शनिवार को कक्षा 10 के विद्यार्थियों द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ की पावन रथयात्रा पर आधारित एक भव्य एवं भावपूर्ण झांकी का मंचन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट अभिनय क्षमता, संवाद एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से उपस्थित सभी दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभूति कराई।
झांकी का प्रारंभ इस प्रसंग से हुआ कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्री जगन्नाथ के रूप में प्रतिष्ठित हुए। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने माँ कर्मा की अनुपम भक्ति का सजीव चित्रण किया। उन्होंने दर्शाया कि माँ कर्मा प्रतिदिन भगवान जगन्नाथ को श्रद्धापूर्वक खिचड़ी का भोग अर्पित करती थीं। उनकी निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने इस भोग को स्वीकार किया और तभी से श्री जगन्नाथ मंदिर में खिचड़ी भोग की परंपरा आज भी अनिवार्य रूप से निभाई जाती है।
कार्यक्रम का सबसे भावुक प्रसंग महान भक्त सालबेग की कथा रही। जन्म के आधार पर हुए भेदभाव के बावजूद उनकी अटूट भक्ति के समक्ष स्वयं भगवान जगन्नाथ ने यह संदेश दिया कि उनके लिए सभी भक्त समान हैं। विद्यार्थियों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया कि रथयात्रा के दौरान भगवान का रथ तब तक आगे नहीं बढ़ा, जब तक भक्त सालबेग उसके सम्मुख नहीं पहुँचे। उनके आते ही रथ आगे बढ़ा, जिसने समाज को समानता, प्रेम, समरसता और भेदभाव-मुक्त जीवन का अमूल्य संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रस्तुतियाँ विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक समरसता के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम ने उपस्थित सभी जनों के मन में भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव का भाव जागृत किया।

