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भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिली नई पहचान, उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव और 6 किमी लंबे इको ट्रेल का किया शुभारंभ

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रायपुर, 11 जुलाई 2026/ कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति संरक्षण और इको-टूरिज्म को नई पहचान देते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज जंगल सफारी में वन महोत्सव और भोरमदेव इको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लगभग 6 किलोमीटर लंबी भोरमदेव इको ट्रेल का भ्रमण कर जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और रोमांचक वन यात्रा का अनुभव लिया।

 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव अभ्यारण्य में जंगल सफारी शुरू होने के बाद पर्यटक अब जंगल के अंदर जाकर प्रकृति का करीब से आनंद ले रहे हैं। अब आज से शुरू हुई भोरमदेव इको ट्रेल भी पर्यटकों को घने जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों के बीच एक नया और यादगार अनुभव देगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने भोरमदेव क्षेत्र को अनमोल प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला और सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। भोरमदेव में पर्यटन सुविधाओं के बढ़ने से यहां अधिक पर्यटक आएंगे। इससे होटल, वाहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। अभी भी कई युवा जंगल सफारी में नेचर गाइड बनकर पर्यटकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे अवसर और बढ़ेंगे, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि साल भर यहां पर्यटन गतिविधियां तेजी से चलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भोरमदेव का विकास तभी सफल होगा, जब स्थानीय लोग इसे अपनी धरोहर मानकर इसकी सुरक्षा करेंगे। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

 

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, पूर्व विधायक श्री सियाराम साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री राम कुमार मेरावी, श्री लोकचंद साहू, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह, डीएफओ श्री निखिल अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

 

*स्वदेश दर्शन योजना से बदलेगी भोरमदेव की तस्वीर*

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत भोरमदेव क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास के लिए 146 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इस राशि से प्रवेश द्वारा, शेड, संग्रहालय, आधुनिक पार्क, पार्किंग, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूआ और सरोदा बांध सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोरमदेव राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

 

*6 किलोमीटर लंबी इको ट्रेल में मिलेगा प्रकृति के बीच रोमांच*

वन विभाग द्वारा विकसित भोरमदेव इको ट्रेल लगभग 6 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है। ट्रेल के दौरान पर्यटक प्राकृतिक वन, मनमोहक दृश्य, पक्षियों और तितलियों का अवलोकन, औषधीय वनस्पतियों की जानकारी तथा प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ सुरक्षित वन भ्रमण का आनंद ले सकेंगे।

 

*बैगा समुदाय के हितग्राहियों को किया सोलर लालटेन वितरण*

वन महोत्सव के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने करिया आमा ग्राम में 51 काला आम के पौधों का रोपण कर ‘काला आम उपवन’ की स्थापना की। इसके साथ ही जिलेभर में 50 हजार सीड बॉल रोपण अभियान का शुभारंभ किया। जिले में एक लाख पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत करते हुए ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट भी वितरित की गई।

 

*भोरमदेव ईको ट्रेल हर शनिवार और रविवार को होगी आयोजित*

भोरमदेव ईको ट्रेल का संचालन करियामा गेट स्थित भोरमदेव ईको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार को किया जाएगा। वन मंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल ने बताया कि अनुभवी नेचर गाइड के साथ प्रतिभागियों को जंगल भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान वे पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों, वन्यजीवों, स्थानीय भोजन, भोरमदेव मंदिर विरासत परिसर के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। ईको ट्रेल में भाग लेने के लिए 1 हजार रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है।

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