Gujarat Sea Bridge Project: नई दिल्ली। गुजरात के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार ने सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के करोड़ों लोगों को सालों की परेशानी से आजादी दिलाने के लिए एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना पर अपनी मुहर लगा दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने खंभात की खाड़ी पर एक शानदार और अत्याधुनिक सी ब्रिज बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। यह कनेक्टिविटी जामनगर-भावनगर-भरूच हाई-स्पीड कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा बनेगी।
सिर्फ 45 मिनट में पूरा होगा 6 घंटे का सफर
अभी, भावनगर से भरूच या सूरत जाने के लिए बगोदरा या वडोदरा होते हुए लंबा रास्ता लेना पड़ता है, जिसमें लगभग 7 से 8 घंटे लगते हैं। लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे और PM गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित लगभग 30 किलोमीटर लंबे सी-ब्रिज के बनने के बाद यह दूरी सिर्फ 45 मिनट से 1 घंटे में तय की जा सकेगी। इस हाईवे प्रोजेक्ट की वजह से भावनगर और सूरत के बीच की दूरी लगभग 240 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे गाड़ी चलाने वालों के करोड़ों रुपये का फ्यूल बचेगा।
अभी क्या स्टेटस है?
सरकार ने इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तेजी से तैयार करने के लिए एजेंसियों से बिड मंगाने का प्रोसेस शुरू कर दिया है। DPR के जरिए मरीन इको-सिस्टम, हाइड्रोलॉजिकल सर्वे, जमीन अधिग्रहण और एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस समेत सभी टेक्निकल पहलुओं की गहराई से स्टडी की जाएगी। रिपोर्ट फाइनल होने के तुरंत बाद ग्राउंड लेवल पर कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।

