जिला शक्ति के वेदांत प्लांट में बॉयलर फटने के कारण लगभग 14 मजदूरों की मौत होने की दुर्घटना पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के पूर्व चेयरमैन सुशील सन्नी अग्रवाल ने श्रम मंत्री को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों में इस प्रकार की घटना आम हो गई है प्रत्येक दिन मजदूरों के साथ कोई कोई न घटना घटित हो रहा है और सरकार इस पर मूक दर्शक की भांति चुप्पी साधे बैठी हुई हैं।
वेदांता जैसे प्लांट में बॉयलर का फटना श्रम विभाग की घोर लापरवाही का नतीजा है। श्रम मंत्री को आबकारी विभाग से फुर्सत ही नहीं है कि मजदूरों की सुरक्षा के बारे में सोचें।
इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट केवल खाना पूर्ति का काम कर रही हैं सुरक्षा मानकों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है केवल कागजों में सरकार श्रमिकों के हित की बात कर रही हैं असल में तो केवल कमीशनखोरी का खेल चल रहा हैं।
नया श्रम कानून भी केवल दिखावा मात्र हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में मजदूरों का हाल बेहाल है। जितने भी जगहों पर निर्माणी कार्य हो रहे हैं वहां सुरक्षा का कोई उपाय नहीं किया जा रहा है, उद्योगों और बड़े निर्माणी ठेकेदार को आसानी से सभी प्रकार के लाइसेंस मिल जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से हादसे के ऊपर हादसे हो रहे हैं असल में यह सरकार रिमोट कंट्रोल की सरकार है सभी आदेश इन्हें दिल्ली से और अदाणी अम्बानी से प्राप्त होते हैं, वैसा ही कार्य यहां हो रहा है।
मेरा सरकार से अनुरोध है कि सरकार जिम्मेदारी पूर्वक मजदूरों के हित में कार्य करें और सभी श्रमिकों को उचित मुआवजा तथा परिवार का पालन पोषण करने की जिम्मेदारी निभाए नहीं तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।

