Mathura News: Uproar Erupts After Murder of ‘Farsa Wale Baba’; Delhi-Agra Highway Blocked
मथुरा: यूपी के मथुरा में शनिवार का दिन हंगामे भरा रहा। कंटेनर में गोवंश होने के शक में बाइक से पीछा कर रहे साधु चंद्रशेखर सिंह (45) उर्फ फरसे वाले बाबा को पीछे से आ रहे ट्रक ने कुचल दिया। इस दुर्घटना के बाद गोरक्षकों और कई हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर जमकर हंगामा किया और बाबा का शव रखकर दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया।

बाबा के एक साथी ने दावा किया की शनिवार तड़के ट्रक में गोवंश होने की सूचना मिली थी बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग उनक जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, हादसे के बाद एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें बाबा जमीन पर पड़े हैं और उनके पास म्यान के साथ एक तलवार भी पड़ी है। जबकि, राजस्थान नंबर का ट्रक के आगे का हिस्सा डैमेज दिख रहा है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि शक के आधार पर बाबा एक ट्रक को रोककर चेकिंग कर रहे थे। सुबह कोहरा होने की वजह से पीछे से आ रहे ट्रक ने खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। बाबा इसकी चपेट में आ गए। ट्रक चालक भी घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। DIG शैलेश पांडे ने साफ किया कि ट्रकों में कोई गोवंश नहीं था।
दरअसल, बाबा की मौत कोसीकलां के कोटवन थाना क्षेत्र में हुई। घटना की जानकारी इलाके में आग की तरह फैली। देखते-ही-देखते हजारों की भीड़ छाता थाना क्षेत्र में दिल्ली-मथुरा हाईवे पर जमा हो गई। उन्होंने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया।
शव कब्जे में लेने और जाम खुलवाने पहुंची पुलिस को लोगों ने खदेड़ दिया। पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। लोगों ने पुलिस की 5 से 6 गाडियों में तोड़फोड़ की। शीशे तोड़ दिए। इस दौरान फायरिंग भी हुई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
इस बीच, लोग बाबा का शव लेकर आजनौंख गांव में स्थित गोशाला पहुंचे। प्रशासन के सामने बाबा का स्मारक बनाने समेत 6 मांगें रखीं। आश्वासन के बाद बाबा का अंतिम संस्कार किया। CM योगी ने भी मामले का संज्ञान लिया। अफसरों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा- आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मथुरा में गौरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी में गौरक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं।

