- सड़क : वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आवाजाही रोक रहे।
- रोप-वेः तकनीकी खराबी के चलतें बार-बार बंद की स्थिति।
- सिस्टमः प्रषासन ने न तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाई और न ही नियंत्रित करनें रणनीति तैयार की।
तिलकराम मंडावी/डोंगरगढ़ : क्वांर नवरात्र पर्व में केवल दर्षन की अनुमति ने ही प्रषासन व मंदिर ट्रस्ट का पसीना निकाल दिया है। जबकि इस बार न तो सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई गई है और न ही मेला का आयोजन हो रहा है। इसके बाद भी दर्षनार्थियों को संभालनें व टैªफिक व्यवस्था बनानें में ही प्रषासनिक अफसर बेबस नजर आ रहे है। क्योंकि षनिवार को षासकीय अवकाष व पंचमी रविवार को होनें की वजह से भीड़ ऐसी उमड़ी की सभी तरफ अव्यवस्था का आलम दिखा। प्रषासन की अव्यवस्था पर वीआईपी मूवमेंट ने और परेषानी बढ़ा दी। रेलवे क्रॉसिंग बंद होनें के बाद यह पहला पर्व है, इसलिए टैªफिक व्यवस्था बनाना एक चुनौती है। किंतु दो दिनों की भीड़ ने ही सिस्टम के सारें पोल खोलकर रख दिया। सड़क में टैªफिक तो रोप-वे में भीड़ को संभालनें में जिम्मेदार फेल नजर आएं। वहीं नवरात्र पूर्व की गई प्रषासनिक तैयारियों को लेकर बनाएं गए सिस्टम भी जाम रहे। जिला प्रषासन ने बैठक के बाद फरमान जारी किया था कि वैक्सीन के दोनों डोज वालों को ही दर्षन करनें दिया जाएगा। 10 प्वाइंट पर रैपिड टेस्ट होंगे। लेकिन सर्टिफिकेट की जांच व रैपिड टेस्ट दूर की बात है। अफसर-कर्मचारी दर्षनार्थियों की मास्क तक चेकिंग नहीं कर रहे है। मंदिर परिसर में बिना मास्क के दर्षनार्थी दर्षन के लिए जा रहे है। षहर के बाहरी एंट्री प्वाइंट में केवल पुलिस जवान तैनात है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर लगातार जांच होनी थी।

वीआईपी आगमन के नाम पर परेषान- क्रॉसिंग बंद होनें से वाहनों की आवाजाही अंडरब्रिज से सतबहिनी मंदिर मार्ग से हो रही है। वहीं इसी मार्ग से दर्षनार्थी भी पैदल आवाजाही कर रहे है। रविवार दोपहर करीब 2 बजें मंदिर चौक में पुलिस कर्मियों ने सभी तरह के वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया। वाहन पास वालों को भी नहीं जानें दिया गया। वजह पूछी गई तो वीआईपी मूवमेंट का हवाला दिया गया। स्थानीय लोगों से कह दिया गया कि वापस हाईवे जाकर चिचोला की ओर से आएं। जबकि सड़क की इस समस्या को प्रमुखता से उजागर करनें के बाद भी अफसरों ने अनसुना कर दिया।
रोप-वे में बढ़ा टैªफिक का दबाव, खराबी तो आएगी ही- मंदिर ट्रस्ट के रोप-वे पर पहलें नवरात्र पर्व में ही दर्षनार्थियों का दबाव बढ़ गया है। सुबह 7 बजें से देर रात तक संचालन होनें से कई बार तकनीकी खराबी सामनें आ रही है। इस वजह से संचालन को बीच-बीच में रोकना पड़ रहा है। षनिवार देर षाम ट्रॉली लॉक होनें से मषक्कत करनी पड़ी। वहीं रविवार की दोपहर भी घंटे भर में तीन बार खराबी आ गई। इधर प्रषासन भी ट्रस्ट को नोटिस देकर खानापूर्ति कर रहा है। पर्व में वीआईपी दर्षन के नाम पर भीड़ उमड़ रही है। रोप-वे की व्यवस्था बनानें में मंदिर ट्रस्ट भी फेलवर साबित हुई है।
प्रषासनिक सिस्टम बनानें में अफसर फेल- क्वांर नवरात्र पर्व में टैªफिक व्यवस्था व भीड़ को ही संभालना सबसें बड़ी चुनौती है। लेकिन प्रषासनिक अफसर तो केवल पुरानें ही ढ़र्रे पर चल रहे है। पदयात्रा रद्द होनें के बाद भी रोक नहीं पा रहे है। वहीं मंदिर रोड में दर्षनार्थियों व वाहनों का दबाव एक साथ पड़नें से जाम की स्थिति बन रही है। रोप-वे में नेताओं व अफसरों की आवभगत में जिम्मेदार अफसर लगें हुए है। स्थानीय लोगों के अलावा दर्षनार्थी अव्यवस्था से परेषान हो रहे है। इधर रेलवे स्टेषन में चाक-चौबंध सुरक्षा होनें का दावा करनें के बाद भी कोरोना पॉजिटिव फरार हो गया।
अब ये तो गलत है न…जिसे वैकल्पिक मार्ग बनाना था उसे पार्किंग बना दिया- अंडरब्रिज एक्जिट के बाद सतबहिनी मंदिर रोड व डिवाइडर रोड में जाम लगनें पर विकल्प के रूप में मेला ग्राउंड के बगल से निकली एप्रोप रोड को रखना था। जिसके निर्देष एसडीएम अरूण वर्मा ने सीएमओ यमन देवांगन दिए थे। लेकिन इसके बाद भी नगर पालिका ने रास्ता खोलनें की जगह एप्रोच रोड को भी पार्किंग बना दिया। इसी वजह से रविवार की दोपहर मंदिर रोड में जाम की स्थिति बनी। रूट डायवर्ट करनें को लेकर प्रषासन की लचर व्यवस्था सामनें आई।

जानिए, क्या कहतें है जिम्मेदार अफसर
पुलिस प्रषासन ने रूट को लेकर जो मैप तैयार किया है, उसके अनुरूप पार्किंग बनाया गया है। उच्चाधिकारियों को आदेष अनुसार ही काम कर रहे है।
यमन देवांगन, सीएमओ नपा डोंगरगढ़
सड़क में जाम की स्थिति तो नहीं है। वीआईपी आगमन होनें से ही कुछ देर वाहनों की आवाजाही रोकी गई होगी। मैं स्वयं निरीक्षण पर था। मेरे संज्ञान में आनें के बाद व्यवस्था बनाया गया।
अरूण वर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़

