- ढाई साल बीत जाने पर भी छत्तीसगढ़ प्रदेश मे अपने शराबबंदी के वादे को पूरा न कर पाना कांग्रेस सरकार की नाकामी
रवि सेन/बागबाहरा । भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष जसराज(बाला)चंद्राकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक द्वारा पूर्ण शराबबंदी के लिए लाये गए प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने पर महासमुंद की जनता यहां के कांग्रेसी विधायकों को आगामी विधानसभा चुनाव मे जवाब देने के लिए तैयार बैठा है । ज्ञात हो कि शराबबंदी के समर्थन मे 13 तथा विपक्ष मे 58 वोट पडना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस सरकार द्वारा अपने घोषणापत्र मे पूर्ण शराबबंदी के लिए किये गए वादे पूरी तरीक़े से झूठे साबित हुए है । कांग्रेस सरकार नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ प्रदेश मे पूर्ण शराबबंदी लागू हो क्योंकि आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश मे शराब दुकानों मे अवैध रूप से बिना स्कैनिंग वाली शराब सरकार के संरक्षण मे बेची जा रही है ।
पूर्व मे भाजयुमो कार्यकर्ताओ द्वारा पूर्ण शराबबंदी के वादे को याद दिलाने के लिए , जिले के सभी कांग्रेसी विधायकों के निवास का घेराव करके सांकेतिक रूप से शराब की नकली बोतलें भेंट किया गया था बावजूद इसके महासमुंद जिले के कांग्रेसी विधायकों का शराबबंदी का समर्थन नहीं करना बहुत ही निंदनीय है । कांग्रेस सरकार के ढाई साल बीत जाने के बाद भी पूर्ण शराबबंदी के वादे को पूरा न कर पाना कांग्रेस सरकार की नाकामी को दर्शाता है ।आज प्रदेश मे कांग्रेस सरकार की भारी बहुमत होने के बाद भी अपने वादे के अनुसार शराबबंदी नहीं करना यह दर्शाता है कि इनके घोषणा पत्र के वादे झूठे थे ।
जसराज(बाला)चंद्राकर ने कहा कि महासमुंद जिले की आधी आबादी महिलाओं की है । महिलाओं ने शराबबंदी के वादे पर भरोसा करके कांग्रेस के विधायकों को भारी बहुमत से जिताया है फिर भी कांग्रेस के चारों विधायकों द्वारा शराबबंदी का समर्थन नहीं करना महासमुंद जिले की महिलाओं का अपमान है । महासमुंद जिले मे आये दिन शराब के कारण जिंदगियां तबाह हो रही है ।ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व जिले मे शराब के कारण ग्राम बेमचा की एक महिला ने अपने बच्चियों के साथ ट्रेन से कटकर आत्महत्या जैसे कदम उठाए है तथा ग्राम नर्रा मे तो अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोलकर आंदोलन शुरू किया था जिसके ऊपर कांग्रेस सरकार के इशारों मे आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज करके आंदोलन को कुचल दिया गया ।

