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जिमीकंद रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर : किशोर

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संजय महिलांग/नवागढ : जिमीकंद जिसे सूरन भी कहा जाता है भारत में इसका काफी मात्रात में सेवन किया जाता है. उत्तर -पूर्व भारत में इसे ओल भी कहा जाता है. यह सब्जी जमीन के अंदर होती है. भारत समेत कई देशों में इसकी खेती की जाती है. जिमीकंद खाने में जितना टेस्टी होता है उतना ही यह सेहत के लिए भी लाभदायक होता है. इसमें कई चिकित्सीय गुण पाए जाते हैं,युवा किसान किशोर राजपूत ने बताया कि यह कई तरह की बीमारियों में लाभदायक होते हैं. ऐसे में अगर आप भी इसके फायदों के बारे में नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इससे होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं.

डायबिटीज के लिए- जिमीकंद का सेवन करने से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है. एक रिसर्च के मुताबिक, डायबिटीज़ के मरीजों को सूरन का सेवन जरूर करना चाहिए. इसे चिकित्सीय आहार स्रोत के रूप में लिया जा सकता है. कई और शोध में डायबिटीज़ के मरीजों को सूरन की सब्जी खाने की सलाह दी गई है. सूरन में Allantoin नामक तत्व पाया जाता है जो मधुमेह रोग में गुणकारी होता है

स्किन के लिए- जिमीकंद में विटामिन ए पाया जाता है. जो स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है. सूरन के सेवन से शरीर डायड्रेट रहता है, जिससे त्वचा संबंधी सभी विकार दूर हो सकते हैं. साथ ही चेहरे में नमी बनी रह सकती है.
मस्तिष्क के लिए- जिमीकंद के फायदे मस्तिष्क को भी हो सकते हैं. दरअसल, इसमें डाइओसजेनिन नामक यौगिक होता है. एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, यह यौगिक अल्जाइमर रोग में सुधार कर सकता है.

बालों के लिए- जिमीकंद का सेवन बालों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें विटामिन-बी6 पाया जाता है. एक अध्ययन के मुताबिक, विटामिन-बी6 के सेवन से बालों की स्थिति में सुधार हो सकता है.

खून की कमी- शरीर में आयरन और फोलेट की कमी एनीमिया (खून की कमी) का कारण बनती है . यहां जिमीकंद की अहम भूमिका देखी जा सकती है. जिमीकंद आयरन के साथ-साथ फोलेट से भी समृद्ध होता है और शरीर में इन दो खास पोषक तत्वों की पूर्ति इस खाद्य पदार्थ के सेवन से की जा सकती है.

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