Friday, December 9, 2022
प्रांतीय वॉच

प्रभारी सचिव देवांगन ने किया विकास कार्यों की गहन समीक्षा, जिले में कुपोषण दर में आई कमी 

अक्कू रिजवी/कांकेर : उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एवं कांकेर जिले के प्रभारी सचिव श्री धनंजय देवांगन ने आज यहां जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी योजना सहित जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा किया। समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री के.एल. चौहान ने बताया कि कांकेर जिले में 64 नरवा चयनित किया गया है, जिसमें से 62 नरवा की स्वीकृति मिल चुकी है। इसी प्रकार 197 गौठान का निर्माण किया गया है, इसके अलावा 140 नये गौठान स्वीकृत किये गये हैं। गौठान में गोबर खरीदी सहित अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है, गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाया जा रहा है। वर्तमान में 70 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार हो चुका है। बाड़ी कार्यक्रम के तहत जिले के 6 हजार 498 बाड़ियों को आधार बीज प्रदाय किया गया है तथा 05 हेक्टेयर में आलू बीज उत्पादन इकाई शुरू की गई है। गोधन न्याय योजनांतर्गत 4 हजार 201 विक्रेताओं द्वारा 48 हजार 199 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया है, जिसके विरूद्ध 96 लाख 39 हजार 753 रूपये का भुगतान किया गया है। प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने सभी गौठान में 25-25 वर्मी टांका स्वीकृत करने के निर्देश देते हुए कहा कि गौठानों में वर्मी बेड भी उपलब्ध कराया गया है, जिनमें से कम गोबर आवक वाले गौठान से अधिक गोबर आवक वाले गौठान में वर्मी बेड उपलब्ध कराया जावे। डेयरी व्यवसाय एवं उद्यानिकी फसल की खेती करने वाले कृषकों को भी क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी सचिव द्वारा निर्देशित किया गया है। उनके द्वारा सुपोषण अभियान की भी समीक्षा की गई, बताया गया कि जिले में कुपोषण दर में कमी आई है। पहले 14 हजार 433 बच्चे कुपोषित थे, वर्तमान 8 हजार 760 बच्चे कुपोषित हैं, जिन्हें पौष्टिक गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, इसके अलावा 6 हजार 58 गर्भवती माताओं तथा तीन से छैः वर्ष आयु वर्ग के 24 हजार 184 बच्चों को गर्म भोजन प्रदान किया जा रहा है। कांकेर किलकारी योजना के तहत् 15 से  49 आयु वर्ग की 8 हजार 149 एनीमिक महिलाओं को भी पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने अविद्युतीकृत एवं शौचालय विहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का विद्युतीकरण व शौचालय की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया है। विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन सड़कां के निर्माण में तेजी लाने, नरवा ट्रीटमेंट तहत् के बनाये जा रहे स्टाप डेम में जलभराव क्षमता को बढ़ाने और आसपास के कृषि भूमि को सिंचिंत करने तथा आश्रम-छात्रावासों के खुलने के पहले मरम्मत कार्य पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया। श्रमिक पंजीयन की समीक्षा के दौरान श्रम विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि बोर गाड़ी में बच्चों को श्रमिक के रूप में बाहर ले जाने से रोक लगाने के लिए सतत् रूप से निगाह रखी जावे। बैठक में पढ़ई तुहंर दुवार, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, वन विभाग द्वारा वर्किंग शेड का निर्माण इत्यादि की भी समीक्षा किया गया तथा सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिये गये। जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने कहा कि कोरोना गाइडलाईन का पालन करते हुए अपने पूरी क्षमता के अनुसार कार्य करके बेहतर प्रदर्शन कर कांकेर जिले को उत्कृष्ट स्थान दिलायें। कलेक्टर श्री के.एल. चौहान ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके द्वारा जो भी मार्गदर्शन दिये गये हैं, उनका पालन करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ डॉ. संजय कन्नौजे, वनामण्डलाधिकारी कांकेर अरविन्द पीएम, वनमण्डलाधिकारी पश्चिम वन मण्डल भानुप्रतापपुर आर.सी. मेश्राम, अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।

कॉलेज में सीट रिक्त होने पर जिम्मेदारी निर्धारित होगीः श्री देवांगन

महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए प्रभारी सचिव श्री धनंजय देवांगन ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों की सूची कॉलेजों को उपलब्ध कराई जावे और छात्र-छात्राओं को रिक्त सीटों के विरूद्ध प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाय। प्राचार्यों से उन्होंने कहा कि कॉलेज में सीट रिक्त होने पर जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलने पर संतान के विरूद्ध भरण-पोषण अधिनियम के तहत् होगी कार्यवाही

वृद्धावस्था एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी हितग्राहियों के संतान आर्थिक रूप से संपन्न होने पर उनके विरूद्ध भरण-पोषण अधिनियम के तहत् कार्यवाही की जाएगी। प्रभारी सचिव श्री धनंजय देवांगन ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे पेंशनधारी हितग्राही जिनके संतान आय अर्जित कर रहे हैं और वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं। उनके विरूद्ध भरण-पोषण अधिनियम के तहत् कार्यवाही किया जावे, इसके लिए तहसीलदार एवं एसडीएम के माध्यम से कार्यवाही करने के निर्देश उप संचालक समाज कल्याण विभाग को दिये गये हैं। प्रभारी सचिव श्री देवांगन ने कहा कि बुजुर्ग व्यक्ति को अपने संतान से जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने का विधिक अधिकार प्राप्त है। समीक्षा के दौरान समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि कांकेर जिले में 50 हजार 209 हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान किया जा रहा है।

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