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कोविड-19 से सुरक्षा के लिए दशहरा पर्व में पुतला दहन के संबंध में आदेश जारी

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रवि मोदीराज/राजनांदगांव । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री टोपेश्वर वर्मा ने दशहरा पर्व में पुतला दहन के संबंध में आदेश जारी किया है। कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने हेतु सभी संबंधित उपाय अमल में लाया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि पुतलों की ऊंचाई 10 फीट से अधिक न हो। पुतला दहन किसी बस्ती रहवासी इलाके में न किया जाए। पुतला दहन खुले स्थान पर किया जाए। पुतला दहन कार्यकम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित किसी भी हाल में 50 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे। आयोजन के दौरान केवल पूजा करने वाले व्यक्ति शामिल होंगे। अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने देने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। कार्यक्रम का यथासंभव ऑनलाईन माध्यमों आदि से प्रसारण किया जाए। पुतला दहन के दौरान आयोजन का विडियोग्राफी कराया जाए तथा आयोजक एक रजिस्टर संधारित करेंगे एवं पुतला दहन कार्यक्रम में आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जाएगा एवं आयोजन करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। प्रत्येक सीमित, आयोजक समय पूर्व सोशल मिडिया में यह जानकारी देवें कि कोविड-19 कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम सिमित रूप से किया जाएगा। पुतला दहन में कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल, फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सेनिटाईजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार अनिवार्यत: बेरिकेटिंग कराया जाए। आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनियंत्र डीजे, धुमाल, बैण्ड पार्टी बजाने की अनुमति नहीं होगी। रावण पुतला दहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सजा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। अनुमति उपरान्त समिति द्वारा सेनेटाईजर थर्मल स्कीनिंग, आक्सीमीटर, हेण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति, आयोजकों की होगी। कार्यक्रम आयोजन के दौरान अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्यत: किया जाना होगा। आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पालन किया जाए। किसी प्रकार का यातायात बाधित न हो, यह सुनिश्चत किया जाए। आयोजन के दौरान एनजीटी व शासन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम, भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना होगा, नियमों के उल्लंघन करने पर समिति,आयोजक जिम्मेदार होंगे। यदि कोई व्यक्ति जो पुतला दहन स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है, तो इलाज का सम्पूर्ण खर्च पुतला दहन आयोजकों, समिति द्वारा किया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन में पुतला दहन की अनुमति नहीं होगी। यदि पुतला दहन कार्यक्रम के अनुमति के पश्चात उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है, तो तत्काल कार्यक्रम निरस्त माना जाएगा एवं कंटेनमेंट जोन के समस्त निर्देशों का अनविार्य रूप से पालन करना होगा। एक आयोजन स्थल से दूसरे आयोजन स्थल की दूरी 500 मीटर से कम न हो। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 4 जून 2020 के अंतर्गत जारी एसओपी का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। उपरोक्त दिए गए किसी शर्तों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार के अव्यवस्था होने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी आयोजन समिति की होगी, जिनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उपरोक्त शर्तों के अधीन 10 दिवस के पूर्व नगर पालिका निगम कार्यालय में निर्धारित शपथ-पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त हाने के उपरान्त ही पुतला दहन की अनुमति होगी। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिसीज एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाव।

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