
(बचेली वॉच ब्यूरो) संदीप दिक्षित l दंतेवाड़ा जैसे सुदूर अंचल में रहने वाले बच्चों के लिए ‘छू लो आसमान’ शिक्षण संस्था दंतेवाड़ा में वरदान साबित हो रहा है। यहाँ से बच्चे प्रतियोगिताओं की तैयारियां कर नित नई उड़ान भर रहे हैं।एनएमडीसी, बचेली एवं छत्तीसगढ़ शासन जिला प्रशासन, दंतेवाड़ा के सहयोग से बस्तर क्षेत्र के आर्थिक रूप से अक्षम छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रम जैसे विभिन्न प्रतियोगी परिक्षाओं हेतु विषयों में उच्च अध्ययन कराने के लिए तथा तकनीकि और अकादमिक रूप में सक्षम बनाने के लिए ‘छू लो आसमान’ नामक एक शिक्षण संस्थान चलाया जा रहा है। ‘छू लो आसमान’ एनएमडीसी, बचेली के अंतर्गत एक सीएसआर गतिविधि है जिसका उद्देश्य शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देना है।यह एक गौरान्वित करने वाली बात है कि दंतेवाड़ा जिले से सात बच्चों का चयन नीट, 2021 में हुआ है जिसमें से सभी ने ‘छू लो आसमान’ से पढ़ाई की है। इनमें 5 छात्राओं (पीयूषा वेक, रामशिला वेक, पदमा माडे, इंदु व आरती नेताम) और पिंटु राम को एमबीबीएस पाठ्यक्रम तथा सलवाम पाले को बीडीएस में दाखिला मिला है।चयनित छात्राओं ने चर्चा के दौरान कहा कि वे बचपन से ही डॉक्टर बनने के सपने देखा करती थीं। परन्तु आर्थिक परस्थितियों के कारण अच्छी शिक्षण संस्थान से कोचिंग कर पाना असंभव था। उन सभी ने ‘छू लो आसमान’ द्वारा दी गई बेहतरीन कोचिंग के लिए एनएमडीसी, बचेली व जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया तथा अपने और परिवार के सपने को साकार होता हुआ देख सभी काफी हर्षित हैं।ज्ञत हो अभी तीसरे चरण की काँउंसिलिंग होना शेष है जिसमें कुछ और छात्र एवं छात्राओं का चयन होने की भी संभावना है।दंतेवाड़़ा क्षेत्र में ये एक ऐसी संस्था है जहाँ से कोचिंग के बाद बच्चे नई उंचाईयाँ छू कर डॉक्टर, इंजीनियर, सांइटिस्ट बन अपने सपनों को साकार कर रहे हैं, ‘छू लो आसमान’ विद्या परिसर का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिले में शिक्षा से वंचित बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी करके सपनों को पंख दे सकें।
