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देश में गहराते बिजली संकट के बीच अमित शाह ने की अहम बैठक, केंद्रीय मंत्री समेत कई अधिकारी हुए शामिल

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नई दिल्ली : देश के कई राज्यों में बिजली संकट (Power Crisis) गहराता जा रहा है. आंध्र प्रदेश, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, दिल्ली और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरफ से कोयले की कमी के मुद्दे उठाने के बाद केंद्र सरकार बिजली उत्पादन पर जोर दे रही है. इस बीच गृह मंत्रालय में सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक अहम बैठक की. बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, (RK Singh) कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) और बिजली और कोयला मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए. इसके अलावा एनटीपीसी के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे.

‘स्थिति जल्द सुधरने की संभावना’

इससे पहले कोयला स्टॉक की स्थिति की निगरानी करने वाली एक कोर प्रबंधन टीम ने शनिवार को कहा था कि बिजली संयंत्रों की स्थिति में जल्द ही सुधार होने की संभावना है. कई राज्यों में कोयले की भारी कमी की खबरों के बीच समिति ने स्थिति की समीक्षा की. यह नोट किया गया कि कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) द्वारा कोयले का कुल डिस्पैच 7 अक्टूबर को 1.501 मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जिससे खपत और वास्तविक आपूर्ति के बीच का अंतर कम हो गया. कोर मैनेजमेंट टीम (CMT) ने आश्वासन दिया है कि तीन दिनों के बाद कोयला डिस्पैच प्रति दिन 1.7 मीट्रिक टन तक पहुंचने की संभावना है, जिससे कोयले की आपूर्ति और बिजली की स्थिति में सुधार होगा.

वहीं रविवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के.सिंह ने दिल्ली में बिजली आपूर्ति बनाए रखने की बात कही थी. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा था कि हमने आज सभी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी. दिल्ली में जितनी बिजली की आवश्यकता है, उतनी बिजली की आपूर्ति हो रही है और होती रहेगी.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के.सिंह ने कहा कि बैठक में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) के सीएमडी भी आए हुए थे. हमने उन्हें कहा है कि कांट्रैक्ट बंद हो या नहीं, गैस के स्टेशन को जितनी गैस की जरूरत है उतनी गैस आप देंगे. उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि आपूर्ति जारी रहेगी. न पहले गैस की कमी थी, न भविष्य में होगी. आर.के.सिंह ने कोयले की कमी पर कहा कि हमारे पास आज के दिन में कोयले का चार दिन से ज्यादा का औसतन स्टॉक है. हमारे पास हर दिन स्टॉक आता है. कल जितनी खपत हुई, उतना कोयले का स्टॉक आया.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि हमारे पास अभी पहले की ​तरह कोयले का 17 दिन का स्टॉक नहीं है, लेकिन 4 दिन का स्टॉक है. कोयले की ये स्थिति इसलिए है क्योंकि हमारी मांग बढ़ी है और हमने आयात कम किया है. हमें कोयले की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी है और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं.

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