अमलीपदर। Gariaband Sushasan Tihar: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार शिविर के दौरान पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी मंच से ही प्रशासनिक अधिकारियों पर भड़क उठे। उन्होंने अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों के फोन तक रिसीव नहीं करने का आरोप लगाया और शिविर की व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी जताई।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान गरियाबंद जिला के अमलीपदर में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया जहां में गोवर्धन मांझी ने कहा कि अधिकारी आम जनता की समस्याओं को लेकर किए गए फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझते। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से संपर्क करते हैं, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद जवाब नहीं मिलता। इस पर अधिकारी ने उन्हें अपनी सफाई दी, लेकिन मांझी का कहना था आप ऐसा मत बोलिए यह कोई एक बार नहीं कई बार ऐसा हो चुका है। उन्होंने सीधे तौर पर कलेक्टर भगवान उनके सिंह पर भी आरोप लगाए। जिस पर भगवान सिंह उईके ने कहा कि वे लगातार मीटिंग में रहते हैं, इस पर गोवर्धन मांझी ने कहा ऐसे में आम नागरिक की कौन सुनेगा।
खाली पड़े कुर्सियों पर उठा सवाल
शिविर में बड़ी संख्या में खाली पड़ी कुर्सियों को लेकर भी पूर्व संसदीय सचिव ने प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि शिविर का सही ढंग से प्रचार-प्रसार किया जाता तो लोगों की बेहतर भागीदारी देखने को मिलती। खाली कुर्सियां इस बात का प्रमाण हैं कि कार्यक्रम की जानकारी आम लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाई।
कलेक्टर ने दिया ये जवाब
कलेक्टर ने शिविर में कम भीड़ को लेकर उन्होंने तेंदूपत्ता तोड़ाई के मौसम का हवाला दिया। इधर पूरे मामले में कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने भी प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सत्ता पक्ष के नेता ही प्रशासनिक व्यवस्था से परेशान हैं तो आम जनता की स्थिति का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सुशासन तिहार को केवल दिखावा बताते हुए आरोप लगाया कि लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

