- धर्म व जातिवाद के चासनी में डूबती उतरती कबीरधाम की राजनीति
कबीरधाम जिले की राजनीति में जातिवाद का प्रवेश साफ साफ दिखता है । योग्यता को दरकिनार कर जातिगत समीकरणों को आधार बना टिकटें बांटी गई । राजनीति में जातिवाद के हावी होने के चलते अब धर्म का राजनीति में प्रवेश ना हो इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसे में अगर धर्म व जातिवादी राजनीति का चक्कर गोल गोल जलेबी की तरह घूमने लगे तो कभी कभी नया ही ट्विस्ट भी देखने को मिलता है। कुछ ऐसी ही बानगी विगत दिनों कवर्धा में भगवा झंडे को निकालने और खाकी की बेचारगी को लेकर देखने को मिल रहा है। भगवा के अपमान का मामला स्वस्थ समाज व धार्मिक भावना के लिए कहीं से भी क्षम्य नहीं है।
खादी और खाकी के गठजोड़ , वर्दीधारियों की बेचारगी ने धार्मिक भावना के मामले में दर्ज मुकदमे और पुलिसिया चूक के चलते जिले की शांत आबो हवा को राजनीति की नजर लगा गई । अपनी बातों में घिरती खाकी के पास जाँच कर रहे विवेचना जारी है के अलावा कोई जवाब नही है । रिपोर्ट दर्ज करने के हुई देरी व एक पक्षीय कार्यवाही के आरोपों ने खाकी की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए तो नगर के दो पक्षो की लड़ाई दो धर्मावलंबियों का झगड़ा बन दंगे का रूप अख्तियार कर गई । भगवा झंडे के अपमान की घटना में दुरंगे और तिरंगे खद्दरधारी दोनों ही मामले में राजनीति की चाशनी डालकर मिशन 23 के लिए कुछ नया ही पकवान बनाने की तैयारी में है।
राजधानी में बैठे जिम्मेदार तिरंगे मंत्री व नेता प्रशासनिक चूक की बात स्वीकारते तो है पर इस चूक के लिए जिम्मेदार खाकी के लापरवाह अफसर पर कार्यवाही के नाम पर चुप है । वर्दीधारी का अतिउत्साह व जबरन जताई जा रही स्वामिभक्ति बड़े मिंया की 3 सालों की मेहनत पर पानी फेर गया ।
ध्यान दीजिएगा भगवा झंडा मुस्लिम ने उतारा , खाकी मूक दर्शक बनी रही , पीटा देवांगन गया । अब देखिए गलती छुपाने खाकी के कारनामे का नया ट्विस्ट दुर्गेश देवांगन की रिपोर्ट अपराध क्रमांक 801/2021 की रपट 3 अक्टूबर की दोपहर 3 बज कर 15 मिनट पर लिखी जाती है जिसमे लोहारा नाका में भगवा झंडे के अपमान की घटना 2 बजे बताई जाती है । एक और रिपोर्ट अजय सिंग द्वारा 3 बज कर 45 मिनट पर दर्ज कराई जाती है जिसमे थाने के सामने पत्थर बाजी कर बलवा करने की शिकायत होती है । पत्थर बाजी को खाकी के आला अफसर भी स्वीकारते है । खाकी और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत कर्ता दुर्गेश और अजय दोनों कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते है , उनका डॉक्टरी मुलाहिजा भी होता है । अब खाकी द्वारा दर्ज की गई तीसरी रिपोर्ट भगवा झंडे के अपमान लोगो के आक्रोश खाकी की स्वामी भक्ति दिखाने के चक्कर मे अतिउत्साह में दर्ज की गई तीसरी रिपोर्ट की टाइमिंग खाकी की कार्यशैली और उनकी निष्पक्षता पर सवालिया निशान खड़े कर रही है । मोहम्मद शोएब द्वारा 3 अक्टूबर को 4 बज कर 15 मिनट पर अपराध क्रमांक 803 / 2021दर्ज शिकायत के मुताबिक 4 बजे दुर्गेश पुराना अस्पताल के पास धार्मिक झंडे के अपमान , गाड़ी में तोड़ फोड़ में शामिल होता है ।
एक व्यक्ति जो थाने में 3.15 पर रपट लिखाने पहुंचा है जिसका डॉक्टरी मुलाहिजा भी होता है खाकी की उपस्थिति में वो दूसरी जगह कैसे पहुंचा । एक आदमी दो जगह कैसे है । इसका जवाब खाकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नहीं दे पाई है । खाकी की लापरवाही का ही नतीजा है कि आईजी , डीआईजी और 5 जिलों के एसपी भी मिलकर जिले की कानून व्यवस्था नहीं संभाल पाए अपने मातहतों की गलतियों पर पर्दा डालने में भिड़े आला अफसर जनता के आक्रोश का आंकलन नही कर पाए जिसका नतीजा है कि विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस की एक पक्षी कार्रवाई को लेकर चेतावनी और चेतावनी वाले अंदाज में शक्ति प्रदर्शन किया जिसे लेकर खुफिया तंत्र फैल नज़र आता है । नतीजन भीड़ में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ से प्रदर्शन हिंसक हो गया जमकर तोड़फोड़ मची आंसू गैस के गोले छूटे तो लाठी चार्ज भी हुआ। भगवा झंडे के अपमान को लेकर हुई बातचीत दंगे का रूप अख्तियार कर लेती है और फिर दुरंगो और तिरंगों में आरोप प्रत्यारोप की ड्रामेबाजी चालू हो जाती है । तिरंगे आईजी के हवाले फसाद में दुरंगो के हाथ होने का आरोप मढ़ते है तो आईजी दुरंगो का नाम लेने के सवाल पर मुकर जाते है । पूर्व मुख्यमंत्री आईजी को भगवा के सम्मान की महाभारत में चक्रव्यूह रच निर्दोषों को फंसाने के आरोप लगा जाते है । इन सबके बीच रपट लिखाने थाने गया दुर्गेश आखिर कहां गायब हो गया उसे थाने की दीवारें खा गई या वो किसी दैवीय चमत्कार से गायब हो गया । घटना के 8 दिन बाद भी अनसुलझा सवाल है आखिर दुर्गेश है कहाँ?
बहरहाल राजनीति में धर्म के गोल गोल जलेबी वाली भगवा झंडे की राजनीति की नई पारी खाकी युक्त गोल गोल जलेबी वाली चासनी में डूब कुछ नया ही पकवान बनाने की तैयारी में है ।
और अंत में :-
देर-सबेर ही सही , इक दिन वो पल आएगा ,
कुकुर-बिलई के चंगुल से, देश मुक्त हो जाएगा ।
#जय_हो 10 अक्टूबर 2021 कवर्धा (छत्तीसगढ़)

