- छत्तीसगढ़ राज्य कांग्रेस सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य में भी आत्महत्या करने वाले किसान परिवारो को 50-50 लाख मुआवजा देने की मांग
कमलेश लव्हात्रे/बिलासपुर : भाजपा पूर्व एल्डरमैन मनीष अग्रवाल ने लखीमपुर खीरी में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान हो रही आंदोलन में किसानों के दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर दुख व्यक्त किया है साथ निष्पक्ष जांच की मांगकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है l इस पूरे घटनाक्रम में जिस तरह से किसानों के नाम पर काग्रेस राजनीति कर रही है वह राजनीति से प्रेरित है, जिस तरह से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने किसानों के नाम पर प्रदेश छोड़कर एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठकर तथा मृतक किसानों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा कर किसानों के प्रति जो संवेदनशील होने का परिचय प्रदेश के बाहर दिखाया यही संवेदनशीलता छत्तीसगढ़ के किसानों के प्रति क्यो नही दिखता ,जिस प्रदेश के किसानों ने उनकी सरकार बनाई ,जिस प्रदेश के किसान के गाढ़ी कमाई से प्रदेश की पूरी व्यवस्था चलती है उनके प्रति संवेदनहीनता का भाव क्यो ?
भाजपा नेता मनीष अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का दोहरा मापदंड इस प्रदेश के किसानों के लिए क्यों ? छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा सत्र फरवरी माह में चले विधानसभा सत्र में कृषि मंत्री से सवाल पूछा गया था जिसमे प्रदेश में किसानों के असामयिक मृत्यु ,या आत्महत्या से मृत्यु या प्रशासनिक आतंकवाद के बलि चढ़े किसानों की मृत्यु का आंकड़ा पूछा गया था ,जिसमे कृषिमंत्री का जवाब आया था 141 किसान मात्र 10 महीने में मृत्यु होने बताया गया था जो शासकीय आंकड़ा है ,जिसे लेकर विधानसभा में विपक्षी पार्टी बहिर्गमन भी किया और विधानसभा की कार्यवाही भी बाधित हुई क्योकि जो आंकड़ा सरकार के तरफ से दिया गया था वो गलत था ।
भाजपा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है ,छत्तीसगढ़ के असामयिक किसानों के मृत्यु पर परिजन को भी 50 लाख रुपये देने का घोषणा करें तथा पूर्व में काग्रेस की सरकार में हुए किसानों की मृत्यु का आंकड़ा निकाल कर 50 ,50 लाख राशि तुरन्त भुगतान करें l जिस प्रकार से वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य कांग्रेस सरकार की स्थिति डावाडोल चल रही है सिर्फ और सिर्फ आलाकमान को खुश करने हेतु राज्य से बाहर इस प्रकार की बड़ी राशि की घोषणा करना और अपने राज्य में इस प्रकार की आपदाओं एवं वर्तमान तत्काल हालात पर काबू न पाना या छत्तीसगढ़ राज्य कांग्रेस सरकार की बहुत बड़ी विफलता है क्या छत्तीसगढ़ के राज्य के मुखिया के पास छत्तीसगढ़ किसानों के लिए पैसा नहीं है l
छत्तीसगढ़ राज्य को छोड़कर उत्तर प्रदेश में घटित घटना पर 50 50 लाख मुआवजा देने की घोषणा और छत्तीसगढ़ के किसान के प्रति कोई भी संवेदना या मुआवजा राशि ना देना क्या यदि दुर्भाग्य से अन्य किसी राज्यों में इस प्रकार की घटना होती है तो वहां भी छत्तीसगढ़ राज्य को छोड़कर इस प्रकार की घोषणा का छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री कर देंगे माननीय छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी प्रथम अपने राज्य की होनी चाहिए ना की अन्य किसी दूसरे प्रदेश के लिए यह तो साफ दिखता है कि सिर्फ और सिर्फ आलाकमान और 10 जनपद को खुश रखना और उनकी नजरों में बने रहना छत्तीसगढ़ के हितों का ख्याल न करते हुए,,

