बागबाहरा : श्रीरामचंद्र जी के वंशज में कुश की चौतीसवी पीढ़ी के सुर्यवंशी महाराजा श्री अग्रसेन जी की जयंती 07 अक्टूबर गुरूवार को बड़ी धूमधाम के साथ अग्रसेन भवन में मनायी गयी। अग्रवाल समाज द्वारा अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर महाराजा श्री अग्रसेन जी की विशाल शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, जिसका जगह-जगह अग्रवाल समाज ने स्वागत कर, अग्रसेन महाराज की पूजा अर्चना की गयी। शोभायात्रा में शामिल लोगों को रास्ते में समाजिक अग्रजनों ने शीतलपेय एवं स्वलपाहार भी कराया। शोभायात्रा के समय बड़ी संख्या में समाजिक बंधु महिलायें एवं पुरूष शामिल हुए, शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए अग्रसेन भवन पहुंची। शोभायात्रा में अग्रसेन महाराज के जयकारें गूंजते रहे, शोभायात्रा में पुरूष सफेद परिधान, महिलायें पिंक या रानी कलर एवं युवक-युवतियों केसरीयां परिधान पहनकर शोभायात्रा में शामिल हुए, जिसकी छंटा देखते ही बनती थी।
अग्रसेन भवन में भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि कन्हैया अग्रवाल रायपुर एवं अध्यक्षता कर रहे मनोज एस गोयल बागबाहरा, अग्रवाल समाज के प्रमुख विष्णु प्रसाद अग्रवाल, किशनलाल मेहाडिया, ओमप्रकाश अग्रवाल, नत्थुलाल अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, विष्णु प्रसाद लोहिया, अध्यक्ष सुशील अग्रवाल, शशि राजेश खोखरिया, कृष्णा लोहिया, सचिव देवेन्द्र अग्रवाल, शशि सतीश अग्रवाल, दिव्यांश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विमल अग्रवाल, मीडिया प्रभारी लक्ष्मण लोहिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने भगवान अग्रसेन महाराज के विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने भगवान अग्रसेन महाराज की गगनभेदी जय-जयकार की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि अग्रसेन जयंती संस्कारधानी राजनांदगांव आने पर मैं अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूं, राजनांदगांव अग्रसेन समाज ने समाज के उन्नति के लिए कई कदम उठाये है, जो सराहनीय है। राजनांदगांव अग्रवाल समाज की चर्चा छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में आती है। श्री अग्रवाल ने कहा कि समाज का कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में आगे बढकर कार्य करता है तो समाजिक बंधुओं को उसका समर्थन करना चाहिये ताकि वह और उपर उठ सके।
भारत में अग्रवाल समाज के बहुत से समाज सेवी उद्योगपति एवं राजनितिक व्यक्तित्व सामने आते रहें है, अब फिर से जरूरत है युवावर्ग सामने आये और देश के लिये कार्य करे ताकि अग्रवाल समाज का नाम रौशन हो। कन्हैया अग्रवाल ने समाज की गौरवशाली परंपराओं का उल्लेख करते हुए समाज के सभी लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर समाज का नाम ऊंचा कर रहे है। वहीं धीरे धीरे समाज का युवा वर्ग अन्य क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इन्होंने कहा कि समाज जितना संगठित होगा, उतना उन्नति करेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बागबाहरा निवासी मनोज एस गोयल ने कहा कि मुझे राजनांदगांव आकर बहुत ही खुशी हो रही है। यहां का अग्रवाल समाज सामाजिक सेवाओं में हमेशा अग्रणी रहता है। जिसकी चर्चा हर जगह होती है। अग्रवाल समाज को केवल एक दिन ही नही अपने अग्रवंश संस्थापक अग्रसेन जी को याद करना चाहिये बल्कि साल के 365 दिन दिलों में बसा कर रखना चाहिये इसके लिये वे “हैलो” की जगह “जय श्री अग्रसेन” बोलकर उनकी यादों को संजोकर रख सकते है। जय श्री अग्रसेन बोलने से सामने वाले को भी यह लगेगा की यह अग्रवंश का है और अपने पूर्वजों का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि महाराज अग्रसेन एक पुरौणिक कर्मयोगी होने के साथ साथ राम राज्य के समर्थन और महादानी थे। उन्होंने अपने विचारों और कर्मठता के बल पर समाज को एक नई दिशा दी थी।
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने राजनांदगांव अग्रवाल समाज की गतिविधियों के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। इन्होंने कहा कि सभी समाज अपने लोगों के लिये कार्य करता है किन्तु अग्रवाल समाज इससे उपर उठकर सभी समाज वर्ग के लिये कार्य करता है, इसका छोटा उदाहारण वैश्विक महामारी के समय किये गये कार्य दर्शाता है कि अग्रवाल समाज सभी को एक दृष्टि से देखकर कमजोर वर्ग को उपर उठाने का कार्य किया। श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि हमारे समाज के पूर्व अध्यक्षों ने समाज के लिए जो कार्य किया है, उसे मैं और तेजी से आगे बढ़ाऊंगा। हमारे समाज के युवा पीढ़ी भी समाज के कार्य में हमेशा सक्रिय रहते है।
अग्रसेन जयंती महोत्सव कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन श्री विष्णुप्रसाद अग्रवाल, नत्थुलाल अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, किशनलाल मेहाडिया एवं लक्ष्मीनारायण अगव्राल का शॉल, श्रीफल से सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विवाह की 50वीं स्वर्ण जयंती मनाने वाले विजय-विमलादेवी अग्रवाल, कमलनारायण शोभादेवी अग्रवाल, मोहनलाल शारदादेवी अग्रवाल, द्वारका प्रसाद शारदादेवी अग्रवाल, हिरालाल त्रिवेणीदेवी अग्रवाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इसी क्रम में समाज गौरव सम्मान दसवीं में छत्तीसगढ प्रदेश में प्रावीण्य सुची में स्थान प्राप्त करने पर कुमारी तन्वी बिंदल को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

