कमलेश लव्हात्रे/बिलासपुर : पं. दीनदयाल उपाध्याय जी भारत की एक ऐसी महान हस्ती थे जिन्होंने अपने कार्यो एवं विचारों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया तथा समाज व राष्ट्र के नव निर्माण में अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया उक्त उद्गार पं.दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर भाजपा कार्यालय करबला रोड बिलासपुर में आयोजित संगोष्ठी में मुख्यवक्ता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भांटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने कही। श्री शर्मा ने पं.दीनदयाल उपाध्याय उपाध्याय जी के जीवन पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे, भारत की आजादी के बाद लोकतंत्र को अलग परिभाष देते हुए देश के नव निर्माण के लिए अनेक कार्य किए जो आज भी निरंतर उनके बताए कार्यो एवं योजनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकारें कार्य कर रही है। एकात्म मानव दर्शन के तहत् जब पुरी दुनिया साम्यवाद एवं पुंजीवाद में बंटी थी तब पं.दीनदयाल उपाध्याय जी ने समाज के अंतिम पंक्ति तक के व्यक्ति के उत्थान के बारे में सोचा उनका संकल्प था की समाज के गरीब से गरीब असहाय निर्धन व्यक्ति का अगर उत्थान नही होगा तो राष्ट्र देश का विकास संभव नही है। श्री शर्मा ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी पं.दीनदयाल उपाध्याय की बुद्धिमता और विचारधारा से बहुत प्रभावित थे और डॉ.मुखर्जी ने कहा था कि अगर मेरे पास दो दीनदयाल होते तो मै भारत के राजनीतिक चेहरे को बदल देता। पं.दीनदयाल उपाध्याय जी के बताए रास्तों पर हम सबको चलना चाहिए उनके जीवन को अपने जीवन पर आत्मसात करना चाहिए।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्र के नव निर्माण में अपना सारा जीवन समर्पित किया: शिवरतन शर्मा

