प्रांतीय वॉच

भारी बहुमत का दुरुपयोग कर रही केंद्र सरकार- आशीष यादव

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बचेली ब्यूरो (संदीप दीक्षित ) | मई 2014 में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से लगातार सरकार की मजदूर-किसान विरोधी, जन विरोधी तथा राष्ट्र-विरोधी नीतियों का कडवा अनुभव आम जनता को हो रहा है I मई 2019 में भारी बहुमत से सत्ता में दोबारा आने के बाद से बहुमत का दुरूपयोग करते हुए सरकार कार्पोरेट घरानों को फायदा पहुचाने के लिए मजदूरों, किसानों तथा आम जनता के हितों को दांव पर लगा रही है I

मौजूदा सरकार हर सरकारी प्रतिष्ठान (भारत पेट्रोलियम, विनिर्माण, आयुध कारखानों, स्टील, बिजली कोयला, बिजली सेवाएँ,रेलवे, एयर इण्डिया, हवाई अड्डे, वित्तीय संस्थाएं, बैंक, एवं एलआईसी , जीआईसी, कृषि और भंडारण ) के निजीकरण पर जोर दे रही है I इस बीच केंद्र सरकार ने जुलाई माह में एनएमडीसी के 7.5 % और शेयर बेच दिए हैं तथा अब एनएमडीसी के पास सिर्फ 60% शेयर ही बचे हैं I इस तरह सरकार शैने -शैने निजीकरण की ओर कदम बढा रही है I नगरनार स्टील प्लांट का निर्माण पूरा होने से पहले ही प्लांट को बेचने की पूरी तैयारी सरकार ने कर ली है और एक सरकारी कंपनी के प्लांट के लिए जमीन देने वाले भू-स्वामी अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं I इन मजदूर विरोधी, जन विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों की योजना बनाते और उन्हें लागू करते हुए वर्तमान सत्ताधारी शासन जान-बूझ कर लोगों को धार्मिक व जातिगत आधार पर विभाजित कर रहा है I

इस देश के मजदूर और किसान लगातार अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और इसी कड़ी में देश के 10 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों व स्वतन्त्र फेडरेशनों ने “अगस्त क्रांति दिवस” दिनांक 09 अगस्त 2021 को “भारत बचाओ दिवस” के रूप में मनाते हुए 15 दिनों का सघन राष्ट्रव्यापी अभियान चलाकर केंद्र सरकार की राष्ट्र विरोधी नीतियों को आम जनता के सामने लाने का निर्णय लिया है I

 

सरकार से हमारी मांगें हैं :

1. मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं और जनविरोधी कृषि कानूनों और बिजली संशोधन विधेयक को रद्द करे I

2. सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी विभागों के निजीकरण और विनिवेश को रोके I बस्तर के नगरनार इस्पात संयंत्र के प्रस्तावित विनिवेश के निर्णय को वापस ले I

3. बेरोजगारी और आजीविका के मुद्दे पर ध्यान दे तथा अधिक रोजगार सृजित करे I

4. मनरेगा का बजट बढाए तथा काम के दिन और पारिश्रमिक बढाए I

5. शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करे और काम के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में संविधान में शामिल किया जाए I

6. आयकर के दायरे से बाहर रहने वाले परिवारों के लिए प्रतिमाह रु. 7500/- का नकद हस्तांतरण सुनिश्चित करे I

7. अगले 06 महीनों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति माह 10 किलो मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराए I

8. स्वास्थ्य पर बजट में वृद्धि करे तथा सभी स्तरों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करते हुए सुनिश्चित करे कि रोगियों को सरकारी अस्पतालों में प्रभावी उपचार मिले।

9. सभी को मुफ्त टीका सुनिश्चित करते हुए प्रो-कार्पोरेट टीकाकरण नीति को ख़त्म करे I

10. सभी स्वास्थ्य और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और आशा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों सहित महामारी प्रबंधन कार्य में लगे सभी लोगों के लिए व्यापक बीमा कवरेज के साथ सुरक्षात्मक गियर, उपकरण आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करे I

11. कठोर आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश (ईडीएसओ) को वापस ले I

12. आवश्यक वस्तुओं, पेट्रोल, डीजल और गैस आदि की कीमतों में भारी वृद्धि को वापस ले I

इन मांगों के समर्थन में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) द्वारा चरणबद्ध आन्दोलन करने का निर्णय लिया गया है I 09 अगस्त को “अगस्त क्रांति दिवस” के अवसर पर नगरनार, बचेली और किरंदुल में सरकार की मजदूर, किसान और जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर “भारत बचाओ”, “सार्वजनिक उपक्रम बचाओ”, “नगरनार बचाओ” के नारों के साथ चरणबद्ध आन्दोलन का बिगुल फूंका जाएगा I जिसके तहत प्रथम चरण में दिनांक 10 अगस्त को बैलाडीला से जगदलपुर तथा नगरनार से जगदलपुर तक यात्रा निकाल कर संभागायुक्त को माननीय प्रधानमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा I दूसरे चरण में बस्तर संभाग के सभी जिलों में जाकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा तथा तृतीय चरण में नगरनार से रायपुर तक “नगरनार बचाओ यात्रा” निकालकर माननीय राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन माननीय राज्यपाल महोदया को सौंपा जाएगा I राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) बस्तर की जनता से अपील करती है कि देश को महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी और बदहाली से बचाने के लिए इस देश के मजदूरों, किसानों और आम जनता की लड़ाई को समर्थन देते हुए इस लड़ाई में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और बस्तर की अस्मिता के प्रतीक “नगरनार इस्पात संयंत्र” का विनिवेश करने के केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करें |

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