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बारिश की कमी से खेतों में पड़नें लगी दरार, किसानों की बढ़ी चिंता, पौधों की उंचाई पर पड़ेगा असर

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तिलकराम मंडावी/डोंगरगढ़ : मानसून ने समय पर दस्तक तो दी लेकिन बुआई व रोपा लगानें के बाद खेतों में पर्याप्त पानी नहीं मिलनें से दरार पड़नें लगी है। जुलाई में मानसून का कदम ठहर सा गया है। खंड वर्शा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जबकि वर्तमान में बुआई व रोपा लगी धान की फसल को पानी की सख्त जरूरत है। लेकिन बारिष नहीं होनें से खेतों में पानी नहीं भर पा रहा है। धान की पौधों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलनें से इसका सीधा असर उंचाई पर पड़ेगा। साथ ही तेज धूप में पौधें पीले भी पड़ सकतें है। पानी कम मिलनें से पौधें सूखनें लगें है। पर्याप्त पानी नहीं मिलनें से पौधों की उंचाई कम होगी। जबकि इस साल मौसम वैज्ञानिकों ने अच्छी बारिष होनें की पूरी संभावना बताई थी। जून में समय पर मानसून आनें से किसानों ने धान की बुआई कर दी। लेकिन जुलाई में मौसम रोजाना दगा दे रहा है। घनघोर बादल छाने के बावजूद बारिष नहीं हो रही। जबकि अभी बियासी व रोपा के लिए खेतों में पानी की जरूरत है। इधर ब्लॉक में 50 हजार हेक्टेयर में धान की फसल ली गई है। जिन किसानों के पास ट्यूबवेल की सुविधा है, वे रोपा लगानें के लिए उपयोग कर रहे है। जबकि मानसून के भरोसे रहनें वालें किसानों को चिंता सतानें लगी है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने आनें वालें दो दिनों तक बारिष नहीं होनें का अनुमान जताया है।

दिन व रात का पारा बढ़ा, चिलचिलाती धूप सतानें लगी- पिछलें दो दिनों से दिन में धूप काफी तेज हो गई है। तापमान 32 डिग्री के पार चल रहा है। जबकि इन दिनों में पारा 20-22 डिग्री होता है। वहीं रात में भी तापमान में गिरावट नहीं देखनें को मिल रहा। लोगों ने फिर से कूलर-पंखें का उपयोग षुरू कर दिया है। वहीं सुबह से ही चिलचिलाती धूप सतानें लगी है। मौसम में हुए परिवर्तन से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है। तेज धूप की वजह से लोग परेषान हो गए है। बारिष के बाद ही गर्मी से राहत मिलनें की उम्मीद है।

कई क्षेत्रों में पिछड़ी बोनी तो रोपा लगानें में भी देरी- ब्लॉक के कई गांवों में धान की बोनी इसलिए पिछड़ गई है कि क्योंकि मानसून स्थित नहीं रहा। नियमित बारिष नहीं होनें की वजह से कई किसानों ने देरी से बुआई की। जबकि मौसम की अस्थिरता व पानी नहीं होनें से रोपा लगानें में भी देरी हुई है। जुलाई में बारिष नहीं होनें से रोपा लगानें वालें किसान अब ट्यूबवेल से पानी लेकर रोपाई का काम तेजी से कर रहे है। बोनी व रोपा में पिछड़नें से फसल देर से तैयार होगी। जबकि समय पर बारिष होनें से रोपाई काम भी जुलाई के पहलें सप्ताह में पूरा हो जाता।

बारिष नहीं होनें से बिजली की खपत बढ़ी, लो-वोल्टेज की समस्या- बारिष नहीं होनें की वजह से किसान रोपा लगानें सिंचाई के लिए पानी लेना चाह रहे है, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज की समस्या काफी बढ़ गई है। कई गांवों में तो ट्रांसफार्मर उड़ गए। इधर बिजली कंपनी के पास षिकायत करनें के बावजूद किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लगातार बिजली बंद रहनें से ट्यूबवेल तक नहीं चल पा रहा है। ग्राम पनियाजोब, बरनाराकला, बिल्हरी, खुर्सीपार, पुरैना, देवकट्टा, षिवपुरी, ठाकुरटोला, अंडी, सोरीटोला, भेलवाटोला समेत ब्लॉक के अन्य गांवों में समस्या बनी हुई है।

इधर सोसायटियों में खाद की किल्लत बरकरार- सोसायटियों में खाद की किल्लत बनी हुई है। प्रषासन यूरिया भेजकर समस्या दूर होनें का दावा कर रही है। परंतु डीएपी व यूरिया की कमी सोसायटियों में बनी हुई है। किसान खाद के लिए रोजाना चक्कर लगा रहे है। लेकिन स्टॉक नहीं होनें की वजह से बैरंग ही लौट रहे है। सोसायटी में खाद नहीं होनें से किसानों को मजबूरन मार्केट से खरीदना पड़ रहा है।
फोटो डीजीजी 06 पानी की कमी के चलतें खेतों में दरार पड़नें लगी है और फसल में पीलापन दिख रहा।

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