नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईंधन की रिकॉर्ड कीमतों और कई क्षेत्रों में एयरस्पेस प्रतिबंधों के बीच एअर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 तक अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है।
एयरलाइन ने 29 अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर या तो उड़ानों की संख्या घटा दी है या कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। एअर इंडिया ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह कदम परिचालन स्थिरता बनाए रखने, लागत नियंत्रण और यात्रियों को आखिरी समय की परेशानियों से बचाने के लिए उठाया गया है।
एयरलाइन के मुताबिक, “कुछ क्षेत्रों में लगातार एयरस्पेस प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी जेट फ्यूल कीमतों ने कई सेवाओं की व्यावसायिक व्यवहार्यता को प्रभावित किया है।”
हालांकि कंपनी ने कहा कि इन कटौतियों के बावजूद वह हर महीने पांच महाद्वीपों में 1200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रखेगी।
पश्चिम एशिया संकट से क्यों बढ़ा दबाव?
ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। दुनिया की लगभग 20 फीसदी तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है
इस संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा हुआ। कई एयरलाइनों को संघर्ष वाले इलाकों से बचने के लिए लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे परिचालन लागत तेजी से बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती लागत और कमजोर पड़ती अंतरराष्ट्रीय यात्रा मांग ने एयरलाइनों पर भारी दबाव डाला है।
किन-किन रूट्स पर असर?
- उत्तर अमेरिका रूट्स
- दिल्ली-शिकागो
- दिल्ली-नेवार्क
- मुंबई-न्यूयॉर्क (JFK)
उड़ानों की संख्या घटाई गई
- दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को: 10 से घटाकर 7 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली-टोरंटो: जुलाई तक 10 से 5 उड़ानें, अगस्त से फिर डेली सेवा
- दिल्ली-वैंकूवर: 7 से घटाकर 5 उड़ानें
जहां सेवा बढ़ाई गई
- मुंबई-नेवार्क: 3 साप्ताहिक उड़ानों से बढ़ाकर डेली सेवा
- दिल्ली-न्यूयॉर्क (JFK): रोजाना उड़ान जारी
- यूरोप रूट्स पर इन शहरों के लिए उड़ानों की संख्या घटाई गई
- दिल्ली-पेरिस: 14 से 7
- दिल्ली-कोपेनहेगन: 4 से 3
- दिल्ली-मिलान: 5 से 4
- दिल्ली-वियना: 4 से 3
- दिल्ली-ज्यूरिख: 4 से 3
- दिल्ली-रोम: 4 से 3
- ऑस्ट्रेलिया रूट्स
- दिल्ली-मेलबर्न: 7 से 4 उड़ानें
- दिल्ली-सिडनी: 7 से 4 उड़ानें
एशिया और SAARC देशों पर भी असर
- दिल्ली-शंघाई
- चेन्नई-सिंगापुर
- मुंबई-ढाका
- दिल्ली-माले
- उड़ानों में कटौती
- सिंगापुर
- दिल्ली-सिंगापुर: 24 से 14
- मुंबई-सिंगापुर: 14 से 7
- बैंकॉक
- दिल्ली-बैंकॉक: 28 से 21
- मुंबई-बैंकॉक: 13 से 7
- अन्य शहर
- दिल्ली-कुआलालंपुर: 10 से 5
- दिल्ली-हो ची मिन्ह सिटी: 7 से 4
- दिल्ली-हनोई: 5 से 4
- नेपाल
- दिल्ली-काठमांडू:
- जून में 42 से 28
- जुलाई-अगस्त में 21 उड़ानें
- बांग्लादेश और श्रीलंका
- दिल्ली-ढाका: 7 से 4
- मुंबई-कोलंबो: 7 से 4
- दिल्ली-कोलंबो: 14 से 12
यात्रियों के लिए क्या व्यवस्था?
एअर इंडिया ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान में रिबुकिंग, बिना शुल्क तारीख बदलने की सुविधा और पूरा रिफंड देने की बात कही है।
एअर इंडिया पहले से घाटे के दबाव में
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एअर इंडिया को पिछले वित्त वर्ष में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। मई में भी एयरलाइन करीब 90 दैनिक उड़ानों में कटौती कर चुकी है। अब कंपनी अतिरिक्त लागत कम करने के लिए अन्य उपायों पर भी विचार कर रही है, जिनमें घरेलू और शॉर्ट-हॉल उड़ानों में वैकल्पिक भोजन सेवा, कुछ प्रीमियम यात्रियों के लिए लाउंज एक्सेस अलग से शुल्क लेकर देना शामिल है।

