किरीट ठक्कर/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ी पृष्टभूमि से ताल्लुक रखने वाली 2008 बैच की आईपीएस पारुल माथुर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अच्छे व्यक्तियों से अच्छाई और गलत करने वाले व्यक्तियों पर सख्ती भी बरती जाएगी। गरियाबंद जिले को पुलिस कप्तान के रूप मे कमान संभालने के लिये पहली बार महिला पुलिस अधिकारी को जिम्मेदारी मिली है। हालांकि जिले में अब तक नौ पुलिस अधीक्षकों की पोस्टिंग हो चुकी है। मीडिया से मुखातिब होते हुए एसपी पारुल माथुर ने कहा कि थाने में फरियादियों की समस्या का त्वरित निराकरण और महिलाओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि नक्सल जिले में ये उनकी पहली पोस्टिंग है। नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार की आत्मसमपर्ण नीति को बढ़ावा दिया जाएगा,साथ ही नक्सलियों के विरुद्ध फ्रंटफुट पर खेलने की रणनीति से भी पीछे नही हटा जाएगा। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए किरायेदारों की सूची अपडेट करना,यातायात व्यवस्था दुरुस्त करना, हीरा तस्करी रोकना, ओडिसा बॉर्डर से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी रखने के अलावा शहर गांव से जुड़ी उन सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा जो उनके संज्ञान में आएंगी। उन्होंने कहा कि जिस जिले से वे अभी आयी हैं वहां और गरियाबंद जिले की समस्याओं एवं गतिविधियों में बहुत अंतर है। दोनों जिले की तासीर ही अलग है। उन्होंने कहा कि वे काम करने में ज्यादा विश्वास रखती हैं। इस पत्रकार वार्ता में एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर एवं संतोष महतो भी मौजूद थे।

