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श्रमिक कल्याण योजनाओं से लाखों वंचित, सुशील सन्नी अग्रवाल ने सरकार पर साधा निशाना

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Lakhs deprived of worker welfare schemes; Sushil Sunny Agarwal targets the government.

रायपुर: छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल ने वर्तमान राज्य सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि वर्तमान सरकार को प्रदेश के लाखों श्रमिकों के कल्याण और उनकी समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है।

सुशील सन्नी अग्रवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार के दौरान कर्मकार मंडल के अंतर्गत लगभग 30 जन-कल्याणकारी योजनाएं पूरी सक्रियता से संचालित थीं। इन योजनाओं का सीधा और पूरा लाभ प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों को समय पर मिल जाता था। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार की प्रशासनिक विफलता और इच्छाशक्ति की कमी के कारण आज पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लाखों की संख्या में श्रमिकों के आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। लंबित आवेदनों का यह विशाल आंकड़ा साफ दर्शाता है कि सरकार श्रमिकों के हक और अधिकारों को लेकर कितनी असंवेदनशील है।

उन्होंने श्रम विभाग के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के श्रम मंत्री विभागीय कार्यों और श्रमिकों की सुध लेने के बजाय केवल आबकारी विभाग की गतिविधियों में ही व्यस्त हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों का ध्यान जनहित से पूरी तरह हट चुका है।

अग्रवाल ने आगे आरोप लगाया कि पूरे श्रम विभाग के अधिकारियों की चॉइस सेंटरों के साथ मिलीभगत चल रही है, जिसके चलते श्रमिकों को अपने जायज आवेदनों और योजनाओं के लाभ के लिए भटकना पड़ रहा है। श्रमिकों की सहूलियत के लिए ब्लाक स्तर पर जो ‘श्रम संसाधन केंद्र’ (लेबर रिसोर्स सेंटर) खोले गए थे, वे आज पूरी तरह से विफल और निष्क्रिय साबित हो चुके हैं। वहां न तो श्रमिकों की सुनवाई हो रही है और न ही उन्हें कोई सही मार्गदर्शन मिल पा रहा है। वर्तमान बीजेपी सरकार जिन योजनाओ को लेकर अपना वाहवाही लूट रही है वो पूरी योजनाएं काँग्रेस सरकार की बनाई हुई। केवल नाम बदलकर अमलीजामा पहनाया जा रहा है। ekyc के नाम पर श्रमिकों को परेशान किया जा रहा है जिसके कारण लाखों श्रमिक योजनाओ का लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं। सुशील सनी अग्रवाल ने कहा की मैं मिथ्या आरोप नहीं लगा रहा हूँ आप खुद मेरे दिए हुए आँकड़ें देख सकते है।

रायपुर जिले मे लंबित आवेदन 86812, धमतरी मे 80009, दुर्ग मे 43556, महासमुंद मे 22346, गरियाबंद जैसे ट्राइबल क्षेत्र मे 26194 आवेदन लंबित दिखाई दे रहे हैं। इस प्रकार पूरे छत्तीसगढ़ मे कुल 1220620 आवेदन लंबित है। इसी तरह योजना के अंतर्गत जैसे 15663 आवेदन, नौनिहाल छात्रवृति योजना मे 356556 आवेदन, बच्चों के गणवेश एवं पुस्तक कॉपी मे 167922 सहित कुल 610310 आवेदन लबित हैं। इससे यह श्रम विभाग की घोर लापरवाही और श्रमिकों के प्रति उदासीनता साफ दिखता है।

श्री अग्रवाल ने कहा की श्रम मंत्री के दो खास श्री प्रफुल्ल तिवारी और श्री नरेंद्र पाटनवार दोनों विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफ़र, फैक्ट्री के लाइसेन्स, बार लाइसेन्स, चॉइस सेंटर के साथ सेटिंग कर लाखों रुपये का लेंन देंन करते हैं जिसके कारण आज गली गली मे बार खुल रहे हैं और पूरा छत्तीसगढ़ के युवा नशे मे डूब रहे हैं।

श्री अग्रवाल ने कहा की पूर्व सरकार मे मण्डल की योजनाओ का लाभ लेने हेतु केवल 90 दिवस मे पंजीकृत होने के उपरांत ही मिल जाता था पर आज बहुत सी योजनाओ मे लगभग 3 वर्ष पूर्ण होने पर ही लाभ मिल सकता है। बीजेपी की सरकार केवल दिखावा करती है और अपने प्रधानमंत्री के जनम दिवस पर विश्वकर्मा जयंती के नाम पर श्रमिक सम्मेलन का स्वांग किया जाता हैं, और केवल दिए ही नहीं महंगे इलेक्ट्रॉनिक दिए का इस्तेमाल भी किया गया था।

सुशील सन्नी अग्रवाल ने सरकार से मांग की है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के मेहनतकशों के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जिलों में लंबित लाखों आवेदनों का तत्काल निपटारा कर श्रमिकों को उनका हक नहीं दिया गया, तो कांग्रेस पार्टी श्रमिकों के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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