MLA Kavita Pran Lahare raised her voice for basic amenities in 21 villages of Barnawapara
बिलाईगढ़। विधानसभा बिलाईगढ़ क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित वनांचल क्षेत्र बारनवापारा के 21 गांव आज भी सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहे हैं। इन गांवों के ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे ग्राम रवान में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में शामिल हुईं और ग्रामीणों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
इस दौरान विधायक कविता प्राण लहरे ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके हक एवं अधिकारों की आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी यदि वनांचल क्षेत्र के गांवों को पक्की सड़क, पर्याप्त बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो यह बेहद चिंताजनक विषय है।
उन्होंने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास तक पहुंचने का माध्यम है। सड़क के अभाव में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं बिजली और मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण विद्यार्थियों, युवाओं और आम ग्रामीणों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने कहा कि बारनवापारा क्षेत्र के 21 गांवों की मांग किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों के बुनियादी अधिकारों, सम्मान और विकास से जुड़ा गंभीर विषय है। शासन-प्रशासन को इन समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए तथा मांगों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित करनी चाहिए।
ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण को लेकर विधायक कविता प्राण लहरे ने जिला कलेक्टर से भी फोन के माध्यम से चर्चा की और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से अवगत कराते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इस दौरान तहसीलदार सोनाखान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत कसडोल तथा बारनवापारा क्षेत्र के रेंजर की उपस्थिति में ग्रामीणों की मांगों एवं समस्याओं को लेकर चर्चा की गई।
विधायक कविता प्राण लहरे ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बारनवापारा के 21 गांवों की आवाज विधानसभा तक पहुंचाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों के हक और अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि 21 गांवों के सम्मान, अधिकार और विकास की लड़ाई है। आपकी आवाज मेरी आवाज है, आपका संघर्ष मेरा संघर्ष है और आपके अधिकारों की लड़ाई मेरी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि बारनवापारा वनांचल क्षेत्र के सभी 21 गांवों में सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि यहां के ग्रामीणों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
इस अवसर पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, आंदोलनकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

